हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी से कई बर्फीले इलाकों में चार दिनों से ब्लैकआउट है। शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र की 30 सदस्यीय टीम ने चार फीट बर्फ में 14 घंटे तक पैदल चलकर माइनस डिग्री तापमान में हुली-झीकनी पुल 22 केवी लाइन दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की है। यह पहली बार हुआ है कि इस क्षेत्र में बर्फबारी के दौरान इतनी जल्दी बिजली बहाल हुई है। जिस क्षेत्र में आपूर्ति शुरू की है वहां अभी तक सड़क मार्ग भी बहाल नहीं हो पाए हैं।
कर्मचारी बर्फ में कमर तक धंस गए थे लेकिन उनका हौसला कम नहीं हुआ। क्षेत्र के लोगों ने टॉर्च की रोशनी में खंभों पर चढ़कर काम करने वाली ऐसी जुझारू टीम को सम्मानित करने की मांग की है। बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता चंद्रसेन ने बताया कि हुली-झीकनी पुल 22 केवी लाइन से चौपाल और नेरवा के 443 ट्रांसफार्मर जुड़े हैं। इसमें 340 ठप हो गए थे।
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बिजली बोर्ड की टीम
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45 किलोमीटर की लाइन एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर ठप हो गई थी। विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों और मजदूरों ने बर्फीली हवाओं के बीच 8 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई के बाद चंबी, दुलारा, टयाडी, देहात, देओत में लाइनों को दुरुस्त किया। उधर, उत्तराखंड की सीमा से लगती 33 केवी चाढना-कुपवी लाइन को भी 45 घंटों में बहाल कर दिया है।
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बिजली बहाल करते जाते कर्मी।
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यहां 87 ट्रांसफार्मर ठप हो गए थे। एसडीएम चौपाल चेत सिंह ने बताया कि बिजली बोर्ड की यह टीम सोमवार सुबह 7.30 बजे निकल गई थी। रात 9.32 बजे ही पूरे क्षेत्र की बिजली बहाल कर लौटी है। बर्फबारी से अमूमन अधिकतर ट्रांसफार्मर ठप हो जाते हैं। पेड़ गिरने से भी लाइनें टूट जाती हैं। उपमंडल चौपाल के अधिकतर क्षेत्रों में बिजली बहाल कर दी थी।
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बिजली बोर्ड की टीम।
- फोटो : संवाद
लेकिन दोबारा बर्फबारी होने से कुछ क्षेत्रों में फिर से ब्लैकआउट हुआ है जिसे ठीक करने में टीमें जुटी हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग ने दोपहर बाद चौपाल से देहा के बीच 26 किलोमीटर चौपाल-शिमला मुख्य मार्ग से बर्फ हटाने के बाद सड़क पर रेता डाल कर इसे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है।
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कुफरी में बिजली बहाल करते कर्मी।
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बिजली बहाली के कार्य में इन्होंने दिखाया साहस
बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता चंद्रसेन की अगुवाई में कनिष्ठ अभियंता सूरज जमवाल, रोहित, अभिषेक, कान्हा सिंह, कनिष्ठ अभियंता भरत, कनिष्ठ अभियंता नरेंद्र चौहान और ठेकेदार दयानंद की टीम ने बिजली बहाली के कार्य में साहस दिखाया।