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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   KCC Bank loan case: Accused Yudh Chand Bains given ultimatum to repay outstanding dues of ₹74.54 crore by Febr

केसीसी बैंक लोन मामला: युद्ध चंद बैंस को सुप्रीम कोर्ट ने राहत के साथ दी कड़ी चेतावनी

Wed, 23 Sep 2026 10:40 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 23 Sep 2026 10:40 PM IST
सार

 कोर्ट ने बैंस की ओर से प्रस्तुत उस शपथपत्र को रिकॉर्ड पर ले लिया है, जिसमें उन्होंने बैंक का 74.54 करोड़ रुपये का पूरा बकाया पांच महीने के भीतर चुकाने का वचन दिया है। न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि इस हलफनामे का किसी भी तरह का उल्लंघन सीधे अदालत की तौहीन माना जाएगा। 

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KCC Bank loan case: Accused Yudh Chand Bains given ultimatum to repay outstanding dues of ₹74.54 crore by Febr
अदालत(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी(केसीसी) बैंक से जुड़े बहुचर्चित लोन बकाया मामले में मुख्य आरोपी और कारोबारी युद्ध चंद बैंस को बड़ी राहत के साथ कड़ी चेतावनी जारी की है। कोर्ट ने बैंस की ओर से प्रस्तुत उस शपथपत्र को रिकॉर्ड पर ले लिया है, जिसमें उन्होंने बैंक का 74.54 करोड़ रुपये का पूरा बकाया पांच महीने के भीतर चुकाने का वचन दिया है। न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि इस हलफनामे का किसी भी तरह का उल्लंघन सीधे अदालत की तौहीन माना जाएगा। खंडपीठ ने आरोपी द्वारा दायर अंडरटेकिंग को स्वीकार करते हुए उसे 22 फरवरी 2027 तक कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक का समस्त बकाया जमा करने का समय दिया है।

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पीठ ने साफ हिदायत दी कि लोन खाते में भुगतान सीधे आरटीजीएस के माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। कोर्ट ने बैंक को निर्देश दिया कि वह आरोपी की ओर से जारी किसी भी चेक को स्वीकार न करे।  इसके अलावा पीठ ने आरोपी की दो प्रमुख संपत्तियों एक मंडी और दूसरी मनाली स्थित साइट्स पर यथास्थिति  बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। दोनों संपत्तियां बैंक की देखरेख और निगरानी में रहेंगी।  सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को पार्ट-हर्ड श्रेणी में रखते हुए अगली सुनवाई 23 फरवरी 2027 को दोपहर 3:30 बजे तय की है। 
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गौरतलब है कि यह मामला मैसर्स होटल लेक पैलेस (मंडी) और मैसर्स हिमालयन स्नो विलेज (मनाली) के नाम पर कांगड़ा बैंक से लिए गए लोन और राज्य विजिलेंस ब्यूरो की ओर से ऊना में दर्ज एफआईआर संख्या 02/2025 से जुड़ा है।  राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके तहत आरोपियों को राहत मिली थी। अदालत के आदेश के पालन में पेश किए गए हलफनामे में युद्ध चंद बैंस ने कहा कि 25 अगस्त 2026 तक बैंक का कुल बकाया 74.54 करोड़ रुपये (प्लस भविष्य का ब्याज) है, जिसे वह 23 सितंबर 2026 से पांच महीने के भीतर (22 फरवरी 2027 तक) चुका देंगे। उनके पास कोई भारतीय पासपोर्ट नहीं है और न ही कभी जारी किया गया है। वे विजिलेंस जांच और अदालती प्रक्रिया में पूरी तरह सहयोग करेंगे और हमेशा उपलब्ध रहेंगे।

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