बर्फबारी के चलते हर वर्ष की तरह इस बार भी रोहतांग दर्रा शुक्रवार को छह माह के लिए वाहनों की आवाजाही के लिए आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने शुक्रवार से 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रे को पैदल पार करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोकसर और मढ़ी में बचाव चौकी भी स्थापित कर दी हैं।
लाहौल-स्पीति प्रशासन ने शुक्रवार से 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा पैदल पार करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोकसर और मढ़ी में बचाव चौकी को भी स्थापित किया है। अब मई 2020 में ही बीआरओ मनाली-रोहतांग-लेह हाईवे को बहाल करेगा। इसको लेकर लाहौल-स्पीति प्रशासन ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान एवं संबंधित खेल विभाग मनाली और जिला प्रशासन लाहौल-स्पीति 15 नवंबर से 31 दिसंबर, 15 मार्च से 15 मई तक दो सत्र में कोकसर और मढ़ी में बचाव चौकियां स्थापित करता है।
इसी कड़ी में दोनों स्टेशनों में नौ-नौ सदस्यों वाली टीम अपने गंतव्य तक पहुंचीं। इनमें दो-दो इंस्ट्रक्टर, दो-दो हाई एल्टीट्यूड पोर्टर, पुलिसकर्मी, कुक, फार्मासिस्ट और एक वायरलेस ऑपरेटर तैनात हो गया। कोकसर स्थित पुलिस सहायता केंद्र की टीम भी शुक्रवार दोपहर बाद सिस्सू के नर्सरी में शिफ्ट हो गई है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति केके सरोच ने पैदल दर्रा पार करने वाले यात्रियों को मौसम के मिजाज को देखकर ही चलने को कहा है।
सुरक्षा की दृष्टि उन्होंने यात्रियों से अपील करते हुए कहा है कि यात्री रोहतांग लांघने से पहले अपना नाम और फोन नंबर मढ़ी और कोकसर चौकियों में अवश्य दर्ज करवाएं। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष बचाव चौकी बंद होने तक वे सिस्सू में ही सेवाएं देंगे। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि कोकसर और मढ़ी में पैदल रोहतांग दर्रा लांघने वालों की सुरक्षा के लिए बचाव चौकियां स्थापित कर दी गई हैं
हिमाचल में शुक्रवार को खराब मौसम के अलर्ट के बीच चोटियों पर बर्फबारी का दौर जारी रहा। बर्फबारी से मनाली-लेह, औट-आनी और भरमौर-साच पास नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। राजधानी शिमला में सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी हुई। प्रदेश भर में बादल छाए रहे। शनिवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। 17 नवंबर से प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।