भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 25 मार्च से शुरू होने वाले चौथे और निर्णायक टेस्ट मैच के लिए धौलाधार की पहाड़ियों के नीचे समुद्र तल 1317 मीटर की ऊंचाई पर बने एचपीसीए स्टेडियम की तेज पिच भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा लेगी। आइए जानते हैं क्या बोले पिच क्यूरेटर-
धर्मशाला की पिच कंगारू टीम के मुफीद हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया के कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी पिच को लेकर खुश है और इसे अपने पक्ष में बता चुके हैं। धर्मशाला स्टेडियम की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजी के अनुकूल रहती है और इस पर गेंदबाजों को अच्छा उछाल मिलता है। इस बार भी पिच की स्थिति अलग नहीं है।
एचपीसीए के क्यूरेटर सुनील चौहान बोले कि मैं पिच के प्राकृतिक व्यवहार को बदल नहीं सकता हूं जो कि तेज और उछाल भरी है। हालांकि इस श्रृंखला के अभी तक हुए तीन टेस्ट मैचों में स्पिन के अनुकूल बनाई पिचों पर स्पिनरों की तूती बोली है।
पहले टेस्ट मैच में तो स्पिन गेंदबाजी में खेलने के माहिर माने जाने वाले भारतीय बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों के आगे घुटने टेक दिए थे और भारत को करारी हार झेलनी पड़ी, वहीं दूसरे टेस्ट में दिग्गज भारतीय स्पिनर आर. अश्विन और रविंद्र जडेजा के कमाल से टीम इंडिया कंगारुओं को हराने में सफल रही।
रांची में हुए तीसरे टेस्ट में भी स्पिनर हावी रहे, लेकिन धर्मशाला में होने वाले निणार्यक टेस्ट में उछाल भरी पिच भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है। इसे लेकर कोच अनिल कुंबले और टीम के थिंक टैंक को नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।