हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार सुबह छह बजे से शुरू हुए कोरोना कर्फ्यू के पहले दिन बाजारों में सन्नाटा देखने को मिला। कुछ शहरों को छोड़कर ज्यादातर जगह लोग न के बराबर दिखे। निजी और सरकारी वाहनों की आवाजाही सामान्य से कम ही दिखी। हालांकि निजी वाहनों पर कोई पाबंदी नहीं है। लंबी दूरी की बसें भी खाली ही इक्का-दुक्का सवारियों के साथ सड़कों पर दौड़ी।
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कालका शिमला हाईवे पर धर्मपुर में तैनात पुलिस कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
कोविड के बढ़ते संक्रमण के बीच लगाए कोरोना कर्फ्यू के चलते प्रदेशभर में लोग कम ही घरों से निकले। विभिन्न सीमांत जिलों के अलावा जिलों की सीमाओं पर पुलिस ने नाके लगा दिए थे। राजधानी शिमला समेत तमाम शहरों में पुलिस निजी वाहनों और सरकारी बसों में 50 फीसदी सवारियों के नियम का पालन कराती रही।
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कुल्लू जिला मुख्यालय ढालपुर।
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दोपहिया वाहनों में पीछे वाली सीट पर बैठे लोगों को पुलिस ने नीचे उतरवा दिया। निजी वाहनों कार, जीप में चालक के साथ वाली सीट पर बैठे लोगों को भी पीछे वाली सीटों पर बिठाया गया।
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ऊना जिले में मार्केट में पसरा सन्नाटा।
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लोगों से भी घरों से गैरजरूरी काम के लिए न निकलने के लिए कहा गया। कुछ शहरों में गैरजरूरी दुकानें खुलने की भी बात सामने आई। हालांकि पुलिस ने ऐसी जगहों पर निरीक्षण कर दुकानों को बंद कराया। कर्फ्यू के पहले दिन जिला मंडी में मिलाजुला असर रहा।
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मंडी जिले में मार्केट में पसरा सन्नाटा।
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कर्फ्यू के दौरान कई स्थानों में सन्नाटा पसरा रहा। राजधानी शिमला के तमाम बाजार बंद रहे। सड़कों पर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी। मंडी, सुंदरनगर और नेरचौक में बाजारों में सामान्य चहल-पहल दिखी। सरकाघाट में पहले दिन धारा 144 की धज्जियां उड़ती दिखी। बस स्टैंड और सामुदायिक भवन में लोग समूहों में दिखाई दिए। चंबा बस स्टैंड में कोरोना नियमों की अवहेलना और बसों में सोशल डिस्टेंसिंग दरकिनार रही।