हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में बादल फटने से सेब की फसल से लदे 27 बगीचे तबाह हो गए। इसके अलावा 27 वाहन और नौ घराट भी बह गए हैं। चलती कार पर पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। ठियोग के शिलारू और झाकड़ी में भूस्खलन से एनएच-5 ठप हो गया है। किन्नौर जिले का शिमला से संपर्क कट गया है। कड़छम-सांगला मार्ग भी ठप है। उधर, शिमला के कोटखाई में चलती कार पर पेड़ गिरने से 58 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य सवार घायल हो गया।
Cloudburst in Himachal: किन्नौर में फटा बादल, सेब के बगीचे तबाह, 27 वाहन और नौ घराट बहे, देखें तस्वीरें
राहत यह है कि मंडी के छह मील के पास बाधित चंडीगढ़-मंडी नेशनल हाईवे यातायात के लिए बहाल हो गया है। किन्नौर के टापरी में रूनग नाला, झाकड़ी के समीप ब्रोनी नाले में जलस्तर बढ़ने से नेशनल हाईवे-5 पर यातायात ठप है। किन्नौर का शिमला जिले से संपर्क कट गया है। रामपुर उपमंडल में भारी बारिश के कारण नेशनल हाईवे-5 में ब्रौनी नाले में बाढ़ आने से कई मीटर सड़क बह गई है।
ब्यास नदी से मिले दो अज्ञात महिलाओं के शव
गुरुवार को कुल्लू में ब्यास नदी में दो अज्ञात महिलाओं के शव बरामद हुए हैं। एक शव वन विभाग के कार्यालय के समीप बने टापू में और दूसरा नगवाईं में मिला है। एसपी साक्षी वर्मा ने कहा कि पहचान होने तक शव क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के शव गृह में रखवा दिए गए हैं। उधर, 12 दिन बाद कसोल से मणिकर्ण मार्ग छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है।
थलौट, मंडी, सरकाघाट में कई बिजली परियोजनाएं बाधित
मंडी जिला में गुरुवार को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। थलौट सहित धर्मपुर, मंडी, सरकाघाट में कई बिजली परियोजनाएं अभी भी बाधित चली हुई हैं। वीरवार को एनएच चंडीगढ़-मनाली अन्य दोनों विकल्प मार्गों सहित खुला रहने से दिनभर वाहनों की आवाजाही हुई।
चार दिनों तक अलर्ट
प्रदेश में आगामी चार दिनों तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 26 जुलाई तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। आनी, निचार, सांगला में भारी बारिश के चलते 22 जुलाई तक स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं। गुरुवार शाम तक प्रदेश में 676 सड़कें और 1,138 बिजली के ट्रांसफार्मर बंद रहे।