घुटनों तक उफनती गिरि नदी का पानी। पीठ पर स्कूल बैग और गले में लटके जूते। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर छछेती पंचायत के विद्यार्थी स्कूल से लौटते वक्त ऐसा जोखिम उठाकर नदी को पार कर रहे हैं। कोई अपने परिजन की पीठ पर तो कोई स्वयं नदी पार कर रहा है।
सुबह स्कूल को निकले बच्चे शाम को घर पहुंचते हैं तो परिजनों की जान में जान आ जाती है। लेकिन, प्रदेश सरकार मानों आंखें मूंदे बैठी है और विभाग फाइलों को इधर से उधर सरका रहे हैं। शडयार स्कूल तक पहुंचने में विद्यार्थी रोज जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं।
जबकि, पानी के तेज बहाव के चलते कई बच्चे स्कूल ही नहीं जा रहे। दो साल पहले छछेती पंचायत के लिए गिरि नदी पर पुल निर्माण का मामला विधायक प्राथमिकता में डाला गया है लेकिन अब तक फाइलें सरकने के अलावा कुछ नहीं हुआ। लगभग पांच महीने पहले ही इसकी कंसलटेंट की मंजूरी मिली है। अब कंसलटेंट के टेंडर लगेंगे और फिर डीपीआर बनेगी। विभागीय लेटलतीफी ऐसी है कि वर्तमान में स्कूल जा रहे विद्यार्थी पुल बनने तक शायद व्यस्क भी हो जाएं।
पुल जहां पर बनाया जा रहा है वहां से क्यारी, कईला, डाडुवा, सरेड़ी के 300 से ज्यादा ग्रामीणों को कोई फायदा नहीं होगा। पुल खाली अछोण और चांदनी के मध्य लगाने का प्रस्ताव है जो क्यारी से लगभग पांच किमी दूरी पर है। अभिभावक सुरेश, हीरा सिंह, मदन, सुरजीत, दिनेश रोशन इत्यादि ने बताया कि पुल चांदनी के समीप बनाया जा रहा है लेकिन, उन्हें उसका कोई फायदा नहीं है। उन्हें गांवों के नजदीक फुट ब्रिज की आवश्यकता है, जिससे रोजमर्रा का आना-जाना सुगम हो सके।
यह मामला लोनिवि से संबंधित है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लोनिवि को उचित कार्रवाई के लिए कह दिया जाएगा।..ललित जैन, उपायुक्त सिरमौर
दो साल पहले पुल को विधायक प्राथमिकता में डाला गया है। लगभग छह महीने पहले पुल डिजाइन के लिए कंसलटेंट टेंडर की अनुमति मिली है। कंसलटेंट के लिए टेंडर लगाए जा रहे हैं। उसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। लगभग 200 मीटर स्पेन का पुल गिरि नदी पर चांदनी के समीप बनाया जाएगा। -अजय शर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि पांवटा साहिब