हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं के अलावा कर्मचारियों के लिए बड़े फैसले लिए हैं। सरकार के फैसले से कुल 40,087 जनप्रतिनिधियों और कर्मियों को वित्तीय लाभ मिलेगा।
प्रदेश के पंचायती राज प्रतिनिधियों के मानदेय में 1 अप्रैल 2019 से 1000 से 500 रुपये प्रति माह वृद्धि की है। इस फैसले से कुल 28723 जनप्रतिनिधियों को लाभ मिलेगा। जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय 11000 से बढ़ाकर 12000 कर दिया। उपाध्यक्ष का मानदेय 7500 से 8000, जिप सदस्य का मानदेय 4500 से 5000 किया है।
इसी तरह पंचायत समिति अध्यक्ष का मानदेय 6500 से सात हजार, उपाध्यक्ष 4500 से 5000, सदस्यों का मानदेय 4000 से 4500 किया है। पंचायत प्रधान का मानदेय 4000 से 4500 रुपये, उपप्रधान का मानदेय 2500 से 3000 रुपये और ग्राम पंचायत सदस्य को बैठक का 240 के बदले 250 रुपये मिलेंगे। माह में दो बैठकों के लिए ही भुगतान होगा।
मंत्रिमंडल ने राज्य के पटवार सर्किलों में लगे अंशकालीन कर्मियों के मानदेय 3000 से 3500 रुपये बढ़ाने पर भी अपनी सहमति दी। इस निर्णय से 1528 कर्मियों को लाभ होगा। इसके साथ ही पार्ट टाइम वर्कर्स के खाली पद भी भरे जाएंगे। कैबिनेट ने राज्य में शुरू की गई उज्ज्वला गृहिणी सुविधा योजना के लाभार्थियों को एक अतिरिक्त मुफ्त रिफिल सिलेंडर प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की।
सरकारी स्कूलों में नियुक्त 3400 प्राथमिक सहायक शिक्षकों (पैट) का मानदेय 4855 रुपये बढ़ गया है। बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पैट का मानदेय 27 हजार रुपये प्रतिमाह तय कर दिया गया है। पहले इन शिक्षकों को प्रतिमाह 22,145 रुपये मानदेय मिलता था।