‘अमर उजाला फाउंडेशन’ ने विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर ऐतिहासिक रिज मैदान पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाया। कैंप में कॉलेज, यूनिवर्सिटी और बाहरी राज्यों से शिमला घूमने आए पर्यटकों ने रक्तदान कर दूसरों की जिंदगी बचाने का संदेश लोगों को दिया।
पर्यटकों संग शिमला के लोगों में दिखा रक्तदान का जोश
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पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने शिविर का उद्घाटन किया। शिविर का शुभारंभ सुबह ग्यारह बजे हुआ। शिविर में कुल 54 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। शिविर में ब्लड बैक के विभागाध्यक्ष डॉ. एमएल कौशल और ब्लड बैंक की टीम ने शिविर में सहयोग दिया। ‘अमर उजाला’ की ओर से युवाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिविर में पहुंची पूनम को रक्तदान नहीं कर पाने का मलाल रहा। वजन कम होने के कारण डॉक्टरों ने इन्हें रक्तदान करने से मना कर दिया। पूनम ने बताया कि उन्हें रक्तदान नहीं कर पाने का मलाल है। हालांकि, पूनम को डॉक्टरों ने एक माह बाद रक्तदान करने को कहा है। इससे खुश पूनम ने कहा कि अगले ब्लड कैंप में आकर रक्तदान करेंगी। पूनम ने कहा कि वह बास्केटबॉल और हैंडबॉल की खिलाड़ी हैं। उन्हें खेल से बहुत प्यार है। आगे जाकर वह देश का नाम रोशन करना चाहती हैं।
इंडियन सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन एंड इम्यूनो हेमाटोलोजी हिमाचल चैप्टर (आईएसबीटीआई) ने अध्यक्ष डॉ. एमएल कौशल ने अमर उजाला के साथ मिलकर रक्तदान शिविर में सहयोग किया। आईएसबीटीआई हिमाचल चैप्टर के उपाध्यक्ष डॉ. रॉय, जनरल सेक्रेटरी डॉ. संदीप मल्होत्रा और कोषाध्यक्ष डॉ. निशी जसवाल इस दौरान मौजूद रहे। ब्लड बैंक के विभागाध्यक्ष डॉ. एमएल कौशल, स्टाफ नर्स प्रतिमा ठाकुर, काउंसलर ईश्वरी चंदेल, डॉ. कंचन और लैब असिस्टेंट रोहित कुमार ने शिविर में सहयोग दिया।
संजौली में रहने वाले विजय ने शिविर में सबसे पहले रक्तदान किया। अमर उजाला के शिविर में रक्तदान करने की खुशी का ठिकाना नही था। उन्होंने आज पांचवीं बार रक्तदान किया है। सुंदरनगर के जसवंत ने कहा कि परिवार के साथ शिमला घूमने आया था। कुछ समय पहले कैल्शियम की कमी थी। लेकिन अब वह पूरी हो गई है। पहली बार रक्तदान करने से काफी तरोताजा महसूस हो रहा है। शिमला के कैलाश चौहान का ओ पॉजिटिव ब्लड ग्रुप काफी रेयर ब्लड ग्रुप है। छह माह पहले किसी कैंसर मरीज को यह ब्लड ग्रुप चाहिए था, इसलिए उस समय रक्तदान किया था।