हिमाचल में बर्फबारी के बाद तीसरे दिन शनिवार को भले ही मौसम खुल गया पर दुश्वारियां बरकरार हैं। प्रदेश में छह नेशनल हाईवे समेत 431 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं। चंबा में ठंड ने एक व्यक्ति की जान ले ली, जबकि लाइन ठीक करते फोरमैन की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बर्फबारी के चलते विधानसभा सत्र में कई विधायक समय पर नहीं पहुंच पाए।
इसके चलते सदन की कार्यवाही आधा घंटा देरी से शुरू हुई। राजधानी शिमला सहित छह स्थानों का न्यूनतम पारा माइनस में पहुंच गया है। पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कुफरी और हसन वैली में फंसे 170 पर्यटक दस घंटे चले बचाव अभियान के बाद सकुशल निकाले गए। इनमें 90 महाराष्ट्र और 70 राजस्थान से शिमला आए थे।
इनमें से कुछ विद्यार्थी भी शामिल हैं। बर्फबारी के चलते चंबा के जोत नामक स्थान पर दर्जन भर लोग बीते तीन दिनों से अभी भी फंसे हैं। शनिवार को शिमला सहित पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहा। धूप खिलने से अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं। सोमवार से धूप खिलने का पूर्वानुमान है। 20 दिसंबर को फिर बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शनिवार सुबह तक बर्फबारी का दौर जारी रहा। जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति और कुल्लू में भारी हिमपात से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
कुल्लू में 50 सड़कें बंद हैं। चंबा जिले की 110 सड़कों पर यातायात बाधित है। भरमौर-पठानकोट एनएच बकाणी से भरमौर तक बाधित रहा। शिमला-रामपुर, आनी-औट, रामपुर-रिकांगपिओ, मनाली-लेह एनएच भी बंद हैं। मंडी के सराज में दो गाड़ियां बर्फ पर फिसलने से पलट गईं।