1. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चुनावी साल टैक्स फ्री बजट पेश किया। सरकार के करीब 40 हजार करोड़ से अधिक कर्ज में डूबा होने के बावजूद उन्होंने टैक्स का बोझ किसी खास वर्ग पर नहीं डाला। उल्टा तमाम वर्गों को राहत देने का ही प्रयास किया।
2. अब लोहे, स्टील और प्लास्टिक की चीजें सस्ती होंगी। उद्योगों को संजीवनी देने के लिए सरकार ने कई प्रावधान किए। कई चीजों के कच्चे माल और निर्मित माल पर लगने वाले अतिरिक्त वस्तु कर को कम किया जाएगा। उद्योगों पर प्रवेश शुल्क को एक से घटाकर आधा प्रतिशत किया गया।
3. सीएम लाखों बेरोजगारों के लिए बेरोजगारी भत्ता देने की अहम घोषणा की। सरकार 12वीं और इससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता वाले बेरोजगार युवाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता प्रदान करेगी। विकलांग बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह का भत्ता दिया जाएगा।
4. बजट में बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी दी। करीब 19 हजार से ज्यादा पद भरने की घोषणा हुई जिनमें पुलिस और पटवारी के पद भी शामिल हैं। शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के 4600 पद के अलावा 3000 अंशकालीन जलवाहकों के पद भी भरे जाएंगे।
5. सरकार ने कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के तौर पर दो प्रतिशत डीए देने का एलान किया था। अब बजट में उन्हें तीन प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता असंशोधित वेतन पर देने की घोषणा की है। यह वृद्धि अप्रैल 2017 के वेतन के साथ ही दी जाएगी। महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी का लाभ राज्य सरकार के पेंशनर्स को भी मिलेगा।