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चित्रकूट बाढ़: प्रभावित परिवारों से मिले CM मोहन यादव, हरसंभव मदद का भरोसा; मंदाकिनी ने पार किया खतरे का निशान
Sun, 30 Aug 2026 05:39 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 30 Aug 2026 05:39 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मंदाकिनी नदी का जलस्तर अधिकतम बाढ़ स्तर से छह मीटर ऊपर पहुंच गया था। प्रशासन ने 700 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया, जबकि SDRF, NDRF और सेना की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
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बाढ़ प्रभावितों से मिलने पहुंचे सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को बाढ़ प्रभावित चित्रकूट पहुंचे और चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के आसपास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे भी किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात करते सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से छह मीटर ऊपर पहुंचा
सतना कलेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि जिले के अधिकांश हिस्सों में तीन से चार घंटे के दौरान करीब 10 से 12 सेंटीमीटर बारिश हुई। इसके चलते जिले की नदियों और नालों में तेज बहाव आ गया। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अधिकतम बाढ़ स्तर से करीब छह मीटर ऊपर पहुंच गया था। हालांकि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने बताया कि तेज बहाव के कारण कुछ इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। नयागांव की ओर जाने वाला एक पुल भी बह गया है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं। चित्रकूट में चार और पूरे जिले में कुल 10 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। बीती रात 500 से अधिक लोगों ने इन शिविरों में शरण ली।
700 से अधिक लोगों का रेस्क्यू
सतना जिला प्रशासन के मुताबिक बाढ़ जैसे हालात के बीच जिले में 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। SDRF की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। रास्ते बाधित होने के कारण केंद्र सरकार के सहयोग से हवाई मदद भी ली गई। चित्रकूट में हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव अभियान भी शुरू किया गया। कलेक्टर के अनुसार सेना के हेलीकॉप्टर ने दो लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला।
सतना कलेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि जिले के अधिकांश हिस्सों में तीन से चार घंटे के दौरान करीब 10 से 12 सेंटीमीटर बारिश हुई। इसके चलते जिले की नदियों और नालों में तेज बहाव आ गया। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अधिकतम बाढ़ स्तर से करीब छह मीटर ऊपर पहुंच गया था। हालांकि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने बताया कि तेज बहाव के कारण कुछ इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। नयागांव की ओर जाने वाला एक पुल भी बह गया है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं। चित्रकूट में चार और पूरे जिले में कुल 10 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। बीती रात 500 से अधिक लोगों ने इन शिविरों में शरण ली।
700 से अधिक लोगों का रेस्क्यू
सतना जिला प्रशासन के मुताबिक बाढ़ जैसे हालात के बीच जिले में 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। SDRF की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। रास्ते बाधित होने के कारण केंद्र सरकार के सहयोग से हवाई मदद भी ली गई। चित्रकूट में हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव अभियान भी शुरू किया गया। कलेक्टर के अनुसार सेना के हेलीकॉप्टर ने दो लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला।
बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात करते सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अस्थायी राहत शिविरों में जाने की अपील की है। प्रशासन की ओर से लगातार मुनादी कर लोगों को बढ़ते जलस्तर के खतरे के बारे में चेताया जा रहा है। लोगों से नदी और घाटों से दूर रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
बिरसिंहपुर में पानी से घिरे व्यक्ति का रेस्क्यू
बिरसिंहपुर में चारों ओर पानी से घिरे अशोक दोहर को SDRF की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान तहसीलदार शैलेंद्र शर्मा, जैतवारा की नायब तहसीलदार ज्योति पटेल समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सतना नगर निगम की ओर से जिगनहट और कृपालपुर क्षेत्रों में लगातार मुनादी कर लोगों को नजीराबाद और कृपालपुर में बनाए गए अस्थायी राहत शिविरों की जानकारी दी जा रही है।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अस्थायी राहत शिविरों में जाने की अपील की है। प्रशासन की ओर से लगातार मुनादी कर लोगों को बढ़ते जलस्तर के खतरे के बारे में चेताया जा रहा है। लोगों से नदी और घाटों से दूर रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
बिरसिंहपुर में पानी से घिरे व्यक्ति का रेस्क्यू
बिरसिंहपुर में चारों ओर पानी से घिरे अशोक दोहर को SDRF की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान तहसीलदार शैलेंद्र शर्मा, जैतवारा की नायब तहसीलदार ज्योति पटेल समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सतना नगर निगम की ओर से जिगनहट और कृपालपुर क्षेत्रों में लगातार मुनादी कर लोगों को नजीराबाद और कृपालपुर में बनाए गए अस्थायी राहत शिविरों की जानकारी दी जा रही है।
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बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात करते सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र में अलर्ट
मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट और निर्मोही अखाड़ा सहित निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। चित्रकूट पुलिस प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर रही है। प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही है, लेकिन लोगों को नदी और घाटों से दूर रहने की सलाह दी गई है। NDRF और SDRF की टीमें फंसे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। प्रभावित लोगों को भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट और निर्मोही अखाड़ा सहित निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। चित्रकूट पुलिस प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर रही है। प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही है, लेकिन लोगों को नदी और घाटों से दूर रहने की सलाह दी गई है। NDRF और SDRF की टीमें फंसे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। प्रभावित लोगों को भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
