पेट्रोल पंप के साथ परिवार भी चलाती हैं ये महिलाएं
महिला दिवस के दिन हम आपको ऐसी चार महिलाओं से मिलवाते हैं जो अपने बूते न सिर्फ एक पेट्रोल पंप का पूरा काम देख रही हैं बल्कि इनका पूरा परिवार भी इन्ही के सहारे चल रहा है।
पेट्रोल पंप के साथ परिवार भी चलाती हैं ये महिलाएं
सीतापुर रोड के पास बृज रसोई के पास स्थित इस पेट्रोल पंप के आसपास से गुजर रहे हों तो इस पेट्रोल पंप में काम कर रहीं इन चार महिलाओं से जरूर मिलें। ये चार महिलाएं बहुत सारी ऐसी महिलाओं के लिए एक मिसाल और आदर्श हैं जो स्थितियों को अपने बूते बदलने की सोच रखती हैं।
पेट्रोल पंप के साथ परिवार भी चलाती हैं ये महिलाएं
इन महिलाओं ने पेट्रोल पंप में नौकरी करने का जटिल काम चुना और इसमें सफल भी हुईं। आज ये पूरा पेट्रोप पंप इन्ही के सहारे चल रहा है। पेट्रोप पंप के साथ इनका घर भी इन्हीं महिलाओं की जीवटता पर चल रहा है।
पेट्रोल पंप के साथ परिवार भी चलाती हैं ये महिलाएं
इस पेट्रोल पंप में लगभग 45 साल की नीलम काम करती हैं। बख्शी का तालाब के पास भौली गांव में रहने वाली नीलम के चार बच्चे हैं। बड़ा लड़का बीए कर रहा है और बाकी के बच्चे स्कूल में हैं। 2002 में इन्होंने जब नौकरी करनी शुरू की तब इनका परिवार बहुत ही बुरे हालातों से गुजर रहा था। आज नीलम की वजह से परिवार पटरी पर आ चुका है।
पेट्रोल पंप के साथ परिवार भी चलाती हैं ये महिलाएं
इसी पेट्रोल पंप में काम कर रहीं रमा सिंह का मकसद अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है। इनके दो बच्चे हैं। लड़का रामेश्वर स्कूल में और लड़की सुभाष चन्द्र बोस स्कूल में पढ़ती है। इनके पति इसी स्कूल के बस के ड्राइवर हैं। ये पेट्रोल पंप में पेट्रोल देने जैसा कठिन काम इसलिए कर रही हैं ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सकें।