भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि मैंने अपने नौ वर्ष के सांसद के कार्यकाल में एक रुपया वेतन नहीं लिया है। सारा वेतन गरीबों-मजलूमों को दे दिया है। मैंने एक रुपया रिश्वत नहीं ली और न ही किसी ठेकेदार से सम्बंध हैं। वरुण शनिवार को सुल्तानपुर में आयोजित एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर मेरी कर्मभूमि ही नहीं बल्कि ऊंची राजनीति की प्रयोगशाला है। इसमें जात-पांत, ऊंच-नीच व धर्म संप्रदाय का कोई स्थान नहीं है। राजनीति में बुनियादी मुद्दों पर बात होनी चाहिए। आज राजनीति में दिखावा आ गया है। पहले लोग शिक्षा की पूजा करते थे। आज धन-बल के पूजक बनते जा रहे है। हमारा लक्ष्य आध्यत्मिक विस्तार है। यह तभी संभव है, जब सभी लोगों की भागीदारी हो। हम निराशाजनक नहीं बल्कि आशावादी राजनीति के हिमायती हैं।
उन्होंने कहा कि आज जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। पानी के समाप्त होने पर लोगों का जीना दुश्वार हो जाएगा। बंगलुरु में अस्सी प्रतिशत पीने का पानी समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अमेठी में फैक्ट्रियां लगाने के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित कर ली गई। थोड़े दिन बाद फैक्ट्रियां बंद हो गईं। क्षेत्र के लोगों को धोबी, माली व सफाई कर्मी का रोजगार मिला था। इसका कोई मतलब नहीं है। हमें अमेठी जैसा विकास सुल्तानपुर में नहीं चाहिए।
वरुण बोले, मैं राजनीति चुनाव की हार-जीत के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र की मजबूती के लिए करता हूं। मैं ऐसा हिंदुस्तान चाहता हूं, जिसमें सबको बराबर का सपना देखने का अवसर मिले। बुनियादी प्रश्नों पर एक जनमत तैयार हो।
उन्होंने लक्ष्मणपुर, गंगापुर भुलिया, अलीपुर सरावां, अखंडनगर, पतारिखास सहित विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एक दर्जन सभाओं को संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष करुणाशंकर द्विवेदी, सीताशरण त्रिपाठी, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष आशुतोष सिंह मोहित, जिला महामंत्री सुभाषचंद्र, प्रमुख श्रवण मिश्र, नगर पंचायत अध्यक्ष विजयभान सिंह, सर्वेश सिंह, राजनारायण उपाध्याय, रमेश त्रिपाठी सहित कई लोग मौजूद रहे।