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Lucknow News: 1600 कैडेटों को पीछे छोड़ हिमानी ने साधा गोल्ड

Wed, 16 Sep 2026 02:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:45 AM IST
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Himani clinches gold, leaving 1,600 cadets behind.
1600 कैडेटों को पीछे छोड़ हिमानी ने साधा गोल्ड
लखनऊ। निशाना एक था... लेकिन उसे साधने के लिए हिमानी को कई पड़ाव पार करने पड़े। निशातगंज की रहने वाली 16 वर्षीय हिमानी ने यूपी के करीब 1600 एनसीसी कैडेटों के बीच अलग-अलग चरणों में अपनी जगह बनाते हुए दिल्ली के थल सैनिक कैंप-2026 तक का सफर तय किया। राष्ट्रीय कैंप में पहुंचकर उन्होंने स्नैप शूटिंग प्रतियोगिता के जूनियर विंग वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। आर्यकन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा हिमानी के साथ लखनऊ से चार अन्य कैडेट भी कैंप में पहुंचे थे लेकिन गोल्ड हिमानी के नाम रहा।
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खास बात यह है कि हिमानी ने दो साल पहले जब एनसीसी जॉइन की थी, तब उनका मन इसमें नहीं था। धीरे-धीरे उन्हें एनसीसी का अनुशासन पसंद आने लगा और प्रशिक्षण ने उनकी रुचि को लक्ष्य में बदल दिया। थल सैनिक कैंप के दौरान उन्होंने फायरिंग राइफल से हथियार प्रशिक्षण लिया। इसके साथ ऑब्स्टेकल ट्रेनिंग, मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट, हेल्थ व हाइजीन और ड्रिल का गहन अभ्यास किया। कठिन प्रशिक्षण के बाद स्नैप शूटिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर उन्होंने पहला स्थान हासिल किया।
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हिमानी के पिता चंद्रपाल एक प्राइवेट कंपनी के माध्यम से सचिवालय में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं और मां पुष्पा देवी गृहिणी हैं। हिमानी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय प्रधानाचार्य डॉ. ममता किरण राव, केयर टेकर ऑफिसर शिवानी पाण्डेय, 20 यूपी गर्ल्स बटालियन के कमान अधिकारी, फिजिकल इंस्ट्रक्टर, गर्ल कैडेट इंस्ट्रक्टर और लखनऊ ग्रुप एनसीसी के स्टाफ को दिया।
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कर्नल सोफिया से मिली सेना में जाने की प्रेरणा

वर्ष 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राष्ट्रीय मीडिया का नेतृत्व करने वाली भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी से हिमानी प्रभावित हुईं। उन्होंने बताया कि सेना में इतनी जांबाज महिला अफसर हैं, यह उन्होंने पहले नहीं सोचा था। इसके बाद उनके मन में भी सेना में जाने की इच्छा जगी। हिमानी अब सेना में शामिल होकर देश सेवा करना चाहती हैं।


पदक लेकर लौटीं तो विद्यालय में हुआ जश्न
सरकारी सहायता प्राप्त आर्यकन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में स्वर्ण पदक लेकर लौटने पर हिमानी का स्वागत किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. ममता किरण राव ने कहा कि हिमानी ने कठिन प्रशिक्षण में खुद को साबित कर विद्यालय और शहर का नाम रोशन किया है।

कोट

हिमानी ने सहायता प्राप्त कॉलेज में पढ़ रही बेटियों के लिए एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। आगे अन्य बेटियों के लिए भी ऐसा ही प्रयास होगा।
- डॉ. दिनेश कुमार, कॉलेज कंट्रोलर व मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी

1600 कैडेटों को पीछे छोड़ हिमानी ने साधा गोल्ड

1600 कैडेटों को पीछे छोड़ हिमानी ने साधा गोल्ड

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