फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

वकील हत्याकांडः दूसरे दिन भी साफ नहीं हो सकी हत्या की वजह, रक्षामंत्री ने डीजीपी से की बात

Fri, 10 Jan 2020 04:15 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 10 Jan 2020 04:15 PM IST
विज्ञापन
two accused sent to jail in advocate murder case, no clue of others
शिशिर त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में कृष्णानगर के दामोदरनगर में मंगलवार रात अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की पीटकर हत्या के आरोपी उपेंद्र तिवारी उर्फ मोनू और विनायक ठाकुर उर्फ विनायक बच्चन सिंह को पुलिस ने बृहस्पतिवार दोपहर जेल भेज दिया। हत्याकांड में नामजद धीरज कुमार, मुस्तफा और शुभम यादव समेत अन्य लोगों का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है।


वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह से बात कर पूरे हालात की जानकारी ली। रक्षा मंत्री ने मृतक अधिवक्ता के परिवार को सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, लखनऊ महानगर भाजपा के महामंत्री पुष्कर शुक्ला ने बताया कि बृहस्पतिवार को महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा और राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। नीरज सिंह ने दिवंगत शिशिर त्रिपाठी के परिवार को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाने का आग्रह किया।
two accused sent to jail in advocate murder case, no clue of others
शिशिर त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला
मामले पर एएसपी पूर्वी सुरेश चंद्र रावत का कहना है कि क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की सात टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। एएसपी ने बताया कि हत्याकांड से संबंधित एक-एक साक्ष्य बारीकी से संकलित किया जा रहा है।
two accused sent to jail in advocate murder case, no clue of others
आरोपी मोनू व विनायक - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल से बरामद एक ईंट और ब्लेड को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वारदात का प्रत्यक्षदर्शी भी पुलिस को मिल गया है। इसके अलावा घटनास्थल के पास स्थित एक मकान में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी मिली है, जिसमें शिशिर से मारपीट करने वाले नजर आ रहे हैं। फिलहाल दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। जल्द दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। अन्य नामजद व अज्ञात आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
two accused sent to jail in advocate murder case, no clue of others
- फोटो : अमर उजाला
स्नेहनगर वीआईपी रोड निवासी शिशिर त्रिपाठी को मंगलवार शाम घर पर आए चार परिचित अपने साथ ले गए थे। रात करीब 12 बजे उसके लहूलुहान हालत में दामोदरनगर में पड़ा होने की सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। परिवारीजन मौके पर पहुंचे और शिशिर को अस्पताल ले गए जहां उसने दम तोड़ दिया। शिशिर के बड़े भाई शरद ने दामोदरनगर निवासी उपेंद्र तिवारी उर्फ मोनू, विनायक ठाकुर, धीरज कुमार, मुस्तफा और शुभम यादव समेत अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कराया था। बुधवार को हत्याकांड के विरोध में वकीलों ने मॉर्च्युरी और कलेक्ट्रेट तक ढाई घंटे हंगामा व प्रदर्शन किया था। मोनू और विनायक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
 
विज्ञापन
two accused sent to jail in advocate murder case, no clue of others
अधिवक्ता की हत्या के बाद मौजूद वकील - फोटो : अमर उजाला
वहीं, अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की हत्या क्यों हुई? यह दूसरे दिन भी साफ नहीं हो सका। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोनू तिवारी ने हाल ही में प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था। उसकी गांजे के कारोबार और लेन-देन को लेकर शिशिर से पहले से ही तनातनी चल रही थी। प्रॉपर्टी के काम को लेकर भी दोनों के बीच में कुछ विवाद हुआ था। इसके अलावा इलाके में वर्चस्व को लेकर भी वह अधिवक्ता पर हावी होने की कोशिश कर रहा था। अधिकारियों का कहना है कि मोनू को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed