लखनऊ में ऑफिस टाइम में गोमती नगर के 1090 चौराहे पर स्वच्छता रैली के आयोजन से गोमती नगर से लेकर पार्क रोड तक जाम लग गया। रैली के चलते 1090 चौराहे की ओर आने वाले ट्रैफिक को सुबह नौ बजे से पहले ही रोक दिया गया। इससे जाम लगना शुरू हो गया। रैली करीब डेढ़ घंटा देरी से शुरू हुई, इस कारण समस्या बढ़ गई। वहीं ऑफिस जाने वाले सैकड़ों लोग जाम में फंस गए और वह एक घंटे तक फंसे रहे। इसके अलावा उनको लंबा चक्कर भी लगाना पड़ा।
स्वच्छता रैली में प्रदेश सरकार के दो बड़े मंत्री शामिल थे। इसके चलते पुलिस भी सख्त थी और रैली के दौरान उसने 1090 चौराहे से कालीदास चौक की ओर लोहिया पथ पर भी यातायात एक घंटे तक बंद रखा। रैली लालबाग में नगर निगम मुख्यालय के सामने झंडी पार्क तक पार्क रोड होते हुए गई।
इससे पार्क रोड, हजरतगंज, कैपिटल तिराह और त्रिलोक नाथ रोड पर भी ट्रैफिक रोका गया। इससे लालबाग, हजरतगंज और अशोक मार्ग व विधानसभा मार्ग पर भी करीब एक घंटे तक जाम रहा। जानकारों ने बताया कि बीते साल रविवार को रैली की गई थी। यदि इस बार भी रविवार को रैली की जाती या सुबह नौ बजे ही निकल जाती तो उतना जाम नहीं लगता।
रैली में संसदीय, वित्त व चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पान मसाले के पाउच, बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े, पानी की खाली बोतलें और ऐसी ही अन्य चीजों को इधर-उधर सड़क पर खुले में फेंकने की आदत हम सबको बदलनी होगी। यह मानसिकता छोड़नी होगी कि सफाई की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम की है।
उन्होंने कहा स्वच्छता रैंकिंग में इंदौर अभी नंबर वन है, मगर पहले नहीं था। 2015 में इंदौर 180 नंबर पर था। उसने ठाना कि उसे नंबर वन आना है तो वह 2016 में 25 नंबर पर आया और फिर पहले। लखनऊ भी 269 से 12वें नंबर पर आया है। हम चाहेंगे तो इस बार नंबर वन बन जाएंगे। चार मार्च से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होगा। उसमें शहरवासियों से कुछ सवाल पूछें जाएंगे, जिनके नंबर मिलेंगे। आप सब उनके जवाब देकर अपने शहर को देश में नंबर वन बना सकते हैं।