गोंडा का छपिया व बभनजोत में करीब 15 किमी का इलाका बृहस्पतिवार को चक्रवाती तूफान से कराह उठा। चक्रवात की जद में आए सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। चक्रवात के बाद इलाके में जमकर बारिश हुई और ओलों ने फसलों पर खूब कहर बरपाया। तूफान के कारण बगदर व छपिया फीडर की बिजली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है और 60 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। इससे डेढ़ लाख की आबादी के लोग अंधेरे में रहने का मजबूर हैं।
वहीं, बलरामपुर में बृहस्पतिवार की सुबह लगभग चार बजे मूसलाधार बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। सौ से डेढ़ सौ ग्राम तक के ओले देखकर लोग भयभीत हो गए।
सुबह अचानक बादलों की गड़गड़ाहट के बीच मूसलाधार बारिश होने लगी। बारिश शुरू होते ही बड़े-बड़े ओले भी गिरने लगे। करीब 15 मिनट तक ओले गिरने का सिलसिला चलता रहा। बड़े-बड़े ओले गिरने के कारण घरो में सो रहे लोग जग गए। घरों के आंगन में सौ से डेढ़ सौ ग्राम तक के ओले देखकर लोग भयभीत हो गए।
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चक्रवाती तूफान
- फोटो : amar ujala
जनपद के छपिया एवं बभनजोत इलाके के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग गुरुवार की भोर नींद की आगोश में थे। हालांकि गांवों के कुछ लोग नींद से जाग भी चुके थे। भोर में अचानक आए चक्रवाती तूफान ने दोनों ब्लॉकों के 15 किलोमीटर तक के इलाके को तहस-नहस कर दिया। तूफान के कारण कई गांवों में पेड़ गिरकर धराशायी हो गए। छपिया थाने के समीप मसकनवां-बभनान मार्ग पर पेड़ और विद्युत पोल टूटकर गिरने से मसकनवां उपकेन्द्र एवं बगदर फीडर की की बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई। तूफान के कारण 60 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। जिससे डेढ़ की आबादी के लोग अंधेरे में हैं।
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चक्रवाती तूफान
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तूफान के दौरान तेज बारिश के साथ पड़े ओलों ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। किसानों की खेत में लगी गन्ने की फसल के साथ ही सब्जियां लौकी, करैला, खीरा, टमाटर, परवल, सहित कई अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पानी और ओले से फसलों की हुई बर्बादी देख कर किसान टूट गए हैं।
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चक्रवाती तूफान
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मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में तूफान की चेतावनी दी है।
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चक्रवाती तूफान
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आंधी-तूफान से पेड़ जड़ से उखड़ गए।