उ.प्र. राज्य निर्माण सहकारी संघ लि. (पैकफेड) के चुनाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पैकफेड के पूर्व अध्यक्ष तोताराम ने आरोप लगाया है कि उन्हें संचालक मंडल के सदस्य के लिए नामांकन पत्र नहीं दिया गया। अधिकारियों से शिकायत की तो सुनी नहीं गई और सत्तारूढ़ दल के लोगों ने उन्हें नामांकन पत्र भरने से जबरन रोका। तोताराम ने कपड़े फाड़ने का आरोप भी लगाया।
पर्चा न देने का आरोप लगा कर सपा नेता ने किया तमाशा, खुद का कुर्ता फाड़ चिल्लाने लगे बचाओ... बचाओ
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पर, प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक तोताराम ने अपना कुर्ता खुद फाड़ दिय और इसके बाद खुद ही बचाओ... बचाओ चिल्ला रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने तोताराम और उनके समर्थकों को वहां से बाहर निकाला। इस बीच, राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग के मुताबिक, उन्हें चुनाव में विवाद की कोई शिकायत नहीं मिली है। उधर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री और सहकारिता चुनाव के प्रभारी विद्यासागर सोनकर ने तोताराम पर अपने कपड़े खुद फाड़ने और अकारण विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया है।
तोताराम का आरोप
तोताराम ने मीडिया को बताया कि निदेशक पद पर नामांकन के लिए बुधवार को दोपहर 12 बजे तक समय निर्धारित था। वह सुबह 11.15 बजे परिसर में पहुंच गए थे। पर, सत्तारूढ़ दल के दबाव में निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें नामांकन दाखिल नहीं करने दिया। तोताराम ने कहा कि जब वह सरोजनी नगर एसडीएम के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो उन्होंने ने भी सुनवाई नहीं की।
ये तर्क दे रहे हैं भाजपाई
सोनकर ने कहा कि सत्ता जाने के बावजूद समाजवादी पार्टी के लोग सहकारी संस्थाओं पर अलोकतांत्रिक ढंग से कब्जा करने की फितरत से बाज नहीं आ रहे हैं। तोताराम ने आज यही करने की कोशिश की। जब उनकी दाल नहीं गली तो झूठे आरोप लगाए और अपने कपड़े फाड़ दिए। सपा के दबंगो का लोकतंत्र में विश्वास नहीं है।
सोनकर ने कहा कि यह वही तोता राम यादव हैं जिन्होंने जिला पंचायत चुनाव में जनपद मैनपुरी में फर्जी मतदान करते हुए पोलिंग बूथ पर कब्जा किया था। जिसका मुकदमा भी इनके ऊपर दर्ज हुआ था। तोता राम यादव फिलहाल जमानत पर हैं। उस समय भी इनका वीडियो वायरल हुआ था।