पीपे के चादर से बना रोबोट खाना परोसेगा और घर की सुरक्षा भी करेगा। यहां तक आपके सवालों का जवाब भी देगा। इसके अलावा छात्रों की ओर से तैयार रोबोट बीमारी भी बताएगा। कक्षा छ: से 12 तक के बच्चों ने ये नवाचारी वैज्ञानिक मॉडल सोमवार को प्रस्तुत किए तो शिक्षा विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए। राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में शुरू हुई तीन दिवसीय राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान मंडल स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी पहले दिन छात्र-छात्राओं ने 88 वैज्ञानिक मॉडल और शिक्षकों ने अपने 18 शैक्षिक टीएलम प्रस्तुत किए।
प्रदर्शनी की शुरूआत संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ प्रदीप कुमार ने की। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार मौजूद रहे। मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ दिनेश कुमार ने बताया कि प्रदर्शनी में मण्डल सभी छ: जनपद, हरदोई उन्नाव, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, लखनऊ,से जूनियर संवर्ग क्रियाकारी 36 मॉडल,जूनियर संवर्ग स्थिर में कुल 26 मॉडल और सीनियर संवर्ग छात्रों में क्रियाकारी 26 मॉडल प्रस्तुत किए गए।
11वीं के छात्र ने बना दिया 6 हजार की लागत से रोबोट
प्रदर्शनी में एडेड माध्यमिक बीकेटी इंटर कॉलेज के कक्षा 11 के छात्र अमर दीप ने अमर रोबो नाम का रोबोट बनाया है। इस रोबोट की लागत करीब छ: हजार रुपये है। इसमें तेल के पीपे की चादर और बेकार पड़ी वस्तुओं का प्रयोग किया गया है। रोबोट की खासियत है कि ये आपको भोजन परोसने से लेकर आपके सवालों के जवाब भी देने में सक्षम है। यहां तक आपके घर की सुरक्षा भी करेगा। अमर ने बताया कि रोबोट का जमाना आ रहा है हमारी सोच है कि सस्ते रोबोट आने चाहिए। इसी को ध्यान में रखक ये मॉडल बनाया गया है।
सातवीं के छात्र ने बनाया बीमारी की जानकारी देने वाला रोबोट
पंडित दीनदयाल उपाध्याय एसबीएम इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले कक्षा सात के छात्र रमन बाजपेई ने ऐसा रोबोट तैयार किया है जो आपकी बीमारी से लेकर बीपी, पल्स की जानकारी देने में सक्षम है। इसके अलावा आपको हार्ट से जुड़ी तमाम समस्याओं के बारे में भी जानकारी दे सकता है। रमन ने बताया कि इस मॉडल को बनाने में उनके शिक्षक का भी सहयोग रहा है।
होम मेड स्प्रे से स्वच्छ होगा किचेन
बेहद कम खर्चे में इंटरमीडिएट के छात्र विशाल ने अलग-अलग प्रकार के होममेड स्प्रे का तैयार किया है। इन स्प्रे में पानी, नमक, लौंग, सिरका, फिनायल, कपूर, शाटरी, चीनी, बेकिंग सोडे का इस्तेमाल करके स्वदेशी स्पे तैयार किया है। इससे किचेन में कीट पतंगे और मच्छर नहीं पनपने पाएंगे।
किसानी से लेकर, ट्रैफिक रूल्स तक बच्चे आसानी से सीखेंगे गुर
प्रदर्शनी में शिक्षकों ने भी टीएलम शैक्षिक नवाचार के टीएलम प्रस्तुत किए। इस दौरान आर्यकन्या इंटर कॉलेज की शिक्षिका प्रतिभा पांडेय ने नेचुरल फॉर्मिंग के बारे में आसान तरीके से बच्चों को पढ़ाने का माड़़्यूल प्रस्तुत किया। वहीं राजकीय हाईस्कूल बेंती की शिक्षिका इला चिंत्राशी ने मिसाइल मॉडल प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने बच्चों को समझाने प्रयास किया ये कैसे काम करता है। एडेड एमआरएसएस कॉलेज के शिक्षक अवध किशोर ने सांप सीढ़ी गेम के माध्यम से ट्रैफिक रूल के बारे में बच्चों को जानकारी देने का नवाचारी आइडिया प्रस्तुत किया। इस दौरान बच्चों ने अखबार पढ़ने के फायदे भी जानें।