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लखनऊः धमाल मचाने को तैयार संस्कृत रॉक बैंड, वाद्य की धुनों संग अब श्लोकों पर झूमने की बारी

Thu, 01 Aug 2019 04:55 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Thu, 01 Aug 2019 04:55 PM IST
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sanskrit rock band is ready for performances in lucknow
संस्कृत रॉक बैंड - फोटो : amar ujala
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले..., अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं...। संस्कृत के ये श्लोक जब हाई वोल्टेज म्यूजिक पर गिटार, कीबोर्ड और साइड रिद्म के साथ गूंजते हैं तो सुनने वाले झूम उठते हैं। संस्कृत शब्दों पर धुन के हिसाब से चढ़ती-उतरती स्वर लहरियां कानों में मिठास घोल देती है। संस्कृत का ऐसा ही रॉक बैंड लखनऊ में धमाल मचाने को तैयार है। बीते दिनों इसकी झलक गोमतीनगर के एक आयोजन में देखने को भी मिल चुकी है।
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संस्कृत रॉक बैंड - फोटो : amar ujala

आने वाले दिनों में शहरी इसका आनंद उठा सकेंगे। शहर के संस्कृत व संगीत के युवाओं ने मिलकर संस्कृत शंखनाद रॉक बैंड काे तैयार किया है।   नगर के एक नामी स्कूल के शिक्षक और बैंड के लीडर सिंगर आचार्य सोमेंद्र शुक्ल ने बताया कि संस्कृत रॉक बैंड बनाने का उद्देश्य प्राचीन संस्कृत भाषा को आधुनिक तरीकों से जोड़कर युवा पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि बैंड को तैयार करने में करीब एक साल का समय लगा।

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संस्कृत रॉक बैंड - फोटो : amar ujala

संस्कृत में होंगे रफी के गीत
लीड सिंगर आचार्य सोमेंद्र ने बताया कि संस्कृत शंखवादन बैंड की शुरुआती प्रस्तुतियों का जो प्रारूप तय है उसमें शंकराचार्य रचित स्त्रोत, भज गोविंदम के अलावा कृष्णाष्टकम्, मधुराष्टकम्, अच्युताष्टकम्, शिव जी का लिंगाष्टकम्, शिवतांडव आदि शामिल हैं। आने वाले दिनों में इसमें देशभक्ति के चुनिंदा तरानों के अलावा मो. रफी के गाये या सहज बोलों वाले फिल्मों वाले गीतों को भी शामिल किया जाएगा।

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संस्कृत रॉक बैंड - फोटो : amar ujala

सप्ताह में 8-10 घंटे तक करते हैं अभ्यास
आचार्य सोमेन्द्र ने बताया कि चूंकि सभी लोग नौकरीपेशा है। कोई संगीत की दुनिया से जुड़ा है तो कोई शिक्षा के पेशे से। ऐसे में रोजाना अभ्यास तो संभव नहीं, लेकिन सामंजस्य से बैंड के सारे सदस्य सप्ताह में दो-चार दिन एक स्थान पर एकत्र होकर नई-नई कंपोजीशन जरूर सीखते हैं। हर दिन मौका मिलने पर दो तीन घंटों का अभ्यास सत्र करते हैं। इस प्रकार सप्ताह में ठीकठाक अभ्यास एक प्रस्तुति का हो जाता है।

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संस्कृत रॉक बैंड - फोटो : अमर उजाला
बैंड के अहम किरदार
बैंड के अहम किरदारों में आचार्य सोमेंद्र शुक्ल संस्कृत में आचार्य हैं। वर्ष 2016 में भातखंडे संगीत विवि से संगीत गायन की शिक्षा ले चुके हैं। कभी कभार किसी प्रस्तुति में हारमोनियम के साथ उतरते हैं। म्यूजिक कंपोजर नितिन सक्सेना इलेक्ट्रिक गिटार बजाते हैं। इसके अलावा वे ड्रम, कीबोर्ड वादक भी हैं। मप्र के टीपू ठक्कर आक्टोपैड वादक हैं, श्याम साइड रिदम वादक हैं, जबकि तबले पर ऋषि साथ देते हैं। अभिसार जायसवाल ड्रम्स बजाते हैं, रिंकू राज कीबोर्ड और परिस्कृत पंत बेस गिटार वादक हैं। इसके अलावा कोरस में भी साथियों की मदद संगीत गायन के लिए ली जाती है। सोमेन्द्र संस्कृत भाषी होने के साथ गायन की अगुवाई करते हैं तो बाकी के अन्य किरदार भी संस्कृत के जानकार हैं।

 
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