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स्कूल-कॉलेज में जंक फूड समेत इन आइटम की बिक्री पर रोक, अब बेचनी होगी ये खाद्य सामग्री

Sat, 14 Jul 2018 02:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 14 Jul 2018 02:59 PM IST
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sale of junk food items banned in schools and colleges
- फोटो : डेमो

छात्र-छात्राओं की सेहत बिगाड़ रहे जंक फूड आइटम की बिक्री लखनऊ के स्कूल-कॉलेज में प्रतिबंधित कर दी गई है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के निर्देश पर एफएसडीए की टीम अगले हफ्ते से अभियान शुरू करेगी। इस दौरान स्कूल-कॉलेज परिसर में चलने वाली कैंटीन की जांच की जाएगी। कैंटीनों में बिकने वाले जंक फूड के साथ कुरकुरे, चिप्स और रेडी टू ईट आयटम की बिक्री रोकी जाएगी। अब कैंटीनों में पौष्टिक व पंरपरागत तरीके से तैयार खाद्य सामग्री बेचना अनिवार्य होगा। 

sale of junk food items banned in schools and colleges
डेमो - फोटो : डेमो
एफएसएसआई ने स्कूल-कॉलेज परिसर सहित आसपास के एक तय दायरे में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगा दी है। बच्चों की सेहत बिगाड़ने वाले सभी तरह के जंक फूड बर्गर, पिज्जा, रोल, आकर्षक पैकिंग में चिप्स समेत फ्राइड फूट व कन्फेक्शनरी उत्पाद की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित होगी। एफएसडीए की जिला इकाई के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा के निर्देश पर बीते दिनों अस्पतालों, डिग्री-कॉलेजों, हॉस्टल व जिला जेल में संचालित कैंटीन व मेस में फूड लाइसेंस की अनिवार्यता के साथ साफ सफाई के तय मानक सुनिश्चित कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह से इस अभियान के तहत स्कूल-कॉलेजों की कैंटीन की जांच की जाएगी। जंक फूड की बिक्री के साथ-साथ इसके प्रचार पर भी रोक लगाई जाएगी। 
sale of junk food items banned in schools and colleges
- फोटो : डेमो
बढ़ रही मोटापा, मधुमेह और ब्लडप्रेशर की समस्या
चिकित्सकों का कहना है कि जंक फूड  के कराण मोटापे, मधुमेह और ब्लडप्रेशर की दिक्कत बढ़ रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजीव मैगन का कहना है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या को रोकने के ठोस उपाय न हुए तो देश की भावी पीढ़ी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसके लिए स्कूलों में जंक फूड की बिक्री व सेवन को सख्ती के साथ प्रतिबंधित करना। जंक फूड न केवल बच्चों का बचपन छीन रहा, बल्कि उन्हें बीमार कर रहा है। 
 
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- फोटो : डेमो
पैकेजिंग एक्ट के मानकों का पालन करना होगा
स्कूल की कैंटीनों की जांच पड़ताल के दौरान बच्चों से जुड़े खाद्य पदार्थों के पैकेट पर उसके बारे में अच्छी-बुरी सभी जानकारी स्पष्ट तौर पर लिखवाना अनिवार्य होगा। टीवी पर दिखाए जाने वाले आकर्षक विज्ञापन के कारण नहीं बेचा जा सकेगा। 
 
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- फोटो : डेमो
अब सलाद और पौष्टिक भोजन बेचना होगा
बच्चों का जंक फूड के मोह खत्म करने के लिए स्कूल की कैंटीन में कोडिंग के आधार पर खाद्य सामग्री बेची जाने की सिफारिश की गई है। इसके तहत स्कूल की कैंटीन में ग्रीन श्रेणी के 80 फीसदी तक स्वास्थ्यवर्धक पौष्टिक व परम्परागत स्तर पर तैयार खाद्य आइटम ही उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके तहत फ्रूट सलाद, पनीर, वेजीटेबल कटलेट, खांडवी, पोहा, उत्पम, उपमा, इडली, लो फैट मिल्क शेक और मौसमी प्राकृतिक फ्रूट जूस बेचा जा सकेगा। जबकि फैट, सॉल्ट व शुगर युक्त सामग्री की 20 फीसदी ही बिक्री की जा सकेगी। निर्देश के तहत स्कूल-कालेज प्रबंधन को भी बच्चों के पाठ्यक्रम में स्वास्थ्य वर्धक व पौष्टिक खाद्य सामग्री से जुड़ी जानकारियां शामिल करना होगा। 
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