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आठ घंटे तक किसानों का जमकर उपद्रव, तोड़-फोड़- लाठी चार्ज, कई घायल, तस्वीरें
Tue, 12 Feb 2019 01:59 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 12 Feb 2019 01:59 PM IST
हंगामा
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के सरोजनीनगर तहसील कार्यालय में सोमवार दोपहर अपनी मांगों को लेकर महापंचायत करने आए भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के कार्यकर्ताओं ने जमकर उपद्रव किया। अधिकारियों के न आने और पानी का इंतजाम न होने से भड़के किसानों ने तहसील कार्यालय में तोड़फोड़ व कर्मचारियों से मारपीट की। इसके बाद सभी विधानसभा भवन का घेराव करने के लिए निकल पडे़। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के रोड शो में उलझी पुलिस को इसकी भनक लगी तो होश उड़ गए।
हंगामो
- फोटो : amar ujala
आनन-फानन आलमबाग के नहर चौराहा पहुंची पुलिस ने बैरीकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोक लिया। यहां कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। उग्र किसान बैरीकेडिंग तोड़कर आगे बढे़ तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। करीब चार घंटे तक हंगामा चलता रहा, जिससे यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। लाठीचार्ज में एक कार्यकर्ता का हाथ टूट गया है व कई लोगों को चोटें आई हैं। उधर, सरोजनीनगर के तहसीलदार विवेकानंद मिश्र ने भाकियू के 50-60 कार्यकर्ताओं पर मारपीट व तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
हंगामा
- फोटो : amar ujala
समझाने पर नहीं माने, कुंडी तोड़ भीतर घुसे
प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह ने बताया कि किसानों को दोपहर में एडीएम चंदन पटेल ने समझाने की कोशिश की तो वे उग्र हो गए। 50-60 किसान एडीएम कोर्ट के गेट की कुंडी तोड़ अंदर घुस गए और तोड़फोड़ की। वहां कार्यरत पेशकार खलीक अहमद से अभद्रता की। पेंशन संबंधी कागजात भरवाने आए सेवानिवृत कर्मचारी शिवबालक पांडेय ने विरोध किया तो उनसे मारपीट की।
प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह ने बताया कि किसानों को दोपहर में एडीएम चंदन पटेल ने समझाने की कोशिश की तो वे उग्र हो गए। 50-60 किसान एडीएम कोर्ट के गेट की कुंडी तोड़ अंदर घुस गए और तोड़फोड़ की। वहां कार्यरत पेशकार खलीक अहमद से अभद्रता की। पेंशन संबंधी कागजात भरवाने आए सेवानिवृत कर्मचारी शिवबालक पांडेय ने विरोध किया तो उनसे मारपीट की।
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हंगामा
- फोटो : amar ujala
कर्मचारियों को लाठी-डंडों से पीटा
कार्यकर्ताओं ने संग्रह कार्यालय में तैनात मनीष मौर्य को लाठी-डंडों से पीटा। कर्मचारी यशवंत सिंह को कुर्सी उठाकर मारी जिससे उनका हाथ बुरी तरह से चोटिल हो गया। उग्र कार्यकर्ताओं ने तहसील पर कब्जा कर लिया और अराजकता मचाने लगे। परिसर में रखे हुए गमले फेंककर तोड़ डाले। फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान तहसील कैंपस में अफरातफरी व भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए। माल बाबू कमलेश पाल ने तहसीलदार विवेकानंद मिश्र को फोन कर उपद्रव की सूचना दी तो वह मौके पर पहुंच गए।
कार्यकर्ताओं ने संग्रह कार्यालय में तैनात मनीष मौर्य को लाठी-डंडों से पीटा। कर्मचारी यशवंत सिंह को कुर्सी उठाकर मारी जिससे उनका हाथ बुरी तरह से चोटिल हो गया। उग्र कार्यकर्ताओं ने तहसील पर कब्जा कर लिया और अराजकता मचाने लगे। परिसर में रखे हुए गमले फेंककर तोड़ डाले। फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान तहसील कैंपस में अफरातफरी व भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए। माल बाबू कमलेश पाल ने तहसीलदार विवेकानंद मिश्र को फोन कर उपद्रव की सूचना दी तो वह मौके पर पहुंच गए।
हंगामा
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पुलिसकर्मियोें पर बरसाई लाठियां
पुलिस का आरोप है कि आलमबाग के नहर चौराहा पर पुलिस ने घेराबंदी कर कार्यकर्ताओं को रोक लिया तो वह पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। उन्होंने जमकर अराजकता मचाई, जिससे राहगीरों में भगदड़ मच गई। इस बीच पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह समेत कई पदाधिकारियों को पकड़ लिया। नेताओं को पुलिस की गिरफ्त में देखकर कार्यकर्ता और भड़क गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों की लाठियों से पिटाई की। जवाब में पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया, जिसमें इटावा के जिलाध्यक्ष सतेंद्र पाल सिंह का हाथ टूट गया। एटा के योगेश प्रसाद और पिंटू यादव समेत कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। चार घंटे उपद्रव और बवाल के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर काबू पाया।
पुलिस का आरोप है कि आलमबाग के नहर चौराहा पर पुलिस ने घेराबंदी कर कार्यकर्ताओं को रोक लिया तो वह पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। उन्होंने जमकर अराजकता मचाई, जिससे राहगीरों में भगदड़ मच गई। इस बीच पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह समेत कई पदाधिकारियों को पकड़ लिया। नेताओं को पुलिस की गिरफ्त में देखकर कार्यकर्ता और भड़क गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों की लाठियों से पिटाई की। जवाब में पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया, जिसमें इटावा के जिलाध्यक्ष सतेंद्र पाल सिंह का हाथ टूट गया। एटा के योगेश प्रसाद और पिंटू यादव समेत कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। चार घंटे उपद्रव और बवाल के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर काबू पाया।