रेलवे क्रॉसिंग पर हादसे रोकने के लिए रेलवे बोर्ड ने तैयारी की है। इसके बारे में जानने के लिए आगे की स्लाइड पर क्लिक करें।
इसके तहत रेलवे फाटक बंद या लॉक होने पर ही ट्रेन को सिग्नल मिलेगा। वहीं रेलवे क्रॉसिंग पर चार पहिया वाहनों के साथ-साथ दुपहिया वाहनों की भी गणना होगी, जिससे गेटमैनों को राहत होगी और उन्हें 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं करनी होगी।
दरअसल, रेलवे के गेटमैन मनमानी ड्यूटी करवाए जाने से खासे नाराज हैं। यह नाराजगी उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे में भी है। उनसे अभी 12 घंटे या उससे अधिक की ड्यूटी ली जाती है। लिहाजा उनके आक्रोश को शांत करने के लिए रेलवे बोर्ड ने अब उनकी ड्यूटी के घंटों को सीमित करने की योजना बनाई है।
रेलवे गेट से निकलने वाले वाहनों की गणना में बदलाव किया है। अभी तक सिर्फ चार पहिया वाहनों की ही गेट पर गणना होती थी। अब दुपहिया वाहनों की भी होगी। फिलहाल यह फैसला पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मण्डल में लागू कर दिया गया है।
जल्द ही इसे उत्तर, पूर्वोत्तर व उत्तर मध्य रेलवे में भी लागू किया जाएगा। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय के बाद सी क्लास के गेट ए और बी श्रेणी में अपग्रेड हो जाएंगे। इससे गेटमैनों की ड्यूटी के घंटे 12 से घटकर आठ हो जाएंगे। इतना ही नहीं ट्रेन का सिग्नल तभी आएगा जब गेट बंद और लॉक होंगे। फाटक पर असामान्य स्थिति होने पर गेटमैन सिग्नल को वापस ले सकेंगे। इससे गेट पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी।