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तस्वीरों में देखिए,रैगिंग की इस हकीकत को...

Sat, 01 Aug 2015 11:21 AM IST
Updated Sat, 01 Aug 2015 11:21 AM IST
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तस्वीरों में देखिए,रैगिंग की इस हकीकत को...

ragging in hevat polytechnic college

‘सर,सीनियर्स के मिलने पर हमें नब्बे डिग्री झुककर सलाम करना होता है। अगर भूल से बगैर नमस्कार किए आगे निकल गए तो जमकर पीटा जाता है।’हीवेट पॉलीटेक्निक में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स ने शुक्रवार को एसीएम पंचम कुंवर पंकज को आपबीती सुनाई।


तस्वीरों में देखिए,रैगिंग की इस हकीकत को...

ragging in hevat polytechnic college

हीवेट पॉलीटेक्निक में हर साल रैगिंग आम बात बन चुकी है। सीनियर स्टूडेंट्स की कक्षाएं भले ही अभी शुरू नहीं हुई हैं पर रैगिंग का माहौल शुरू हो गया है। रैगिंग से डरकर इस साल हीवेट पॉलीटेक्निक ने फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को हॉस्टल आवंटित नहीं किए हैं।

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लिहाजा जूनियर छात्र किराए पर कमरा लेकर रहते हैं। रैगिंग की शिकायतों पर ही एसीएम कुंवर पंकज हीवेट पॉलीटेक्निक पहुंचे थे। जूनियर्स की पीड़ा सुनने और कैंपस का निरीक्षण करने के बाद वे हॉस्टलों में गए। एसीएम पंचम की जांच में जूनियर स्टूडेंट्स ने बताया कि उन्हें स्पष्ट निर्देश गए हैं कि वे क्लास के बाद थर्ड बटन पर निगाह रखेंगे। यानी सिर झुकाकर रखेंगे। लाइन बनाकर बाहर निकलेंगे।

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तस्वीरों में देखिए,रैगिंग की इस हकीकत को...

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फर्स्ट ईयर के छात्रों ने बताया कि सीनियर्स अपनी पहचान के लिए मुंह पर रूमाल बांधे रहते हैं। जिससे उन्हें आसानी से पहचाना जा सके। जो भी रूमाल बांधे दिखे उसे नब्बे डिग्री झुककर सलाम ठोकने के सीनियर्स के निर्देश हैं। सिर झुकाए रखने के कारण अगर रूमाल न दिखा तो वे आदेश की नाफरमानी मानते हुए पिटाई करते हैं।

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पॉलीटेक्निक के आसपास के इलाकों में जूनियर स्टूडेंट्स किराए पर कमरा लेकर रहते हैं। उन्होंने बताया कि रात में उनके कमरों में अपने को सीनियर बताने वाले स्टूडेंट्स घुस आते हैं। इसके बाद उनकी रैगिंग की जाती है। रैगिंग करने वाले स्टूडेंट्स गुट में होते हैं इसलिए उनसे भिड़ा भी नहीं जा सकता है। जिनके घरों में वो रहते हैं वो भी कुछ नहीं कर पाते हैं।

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