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गर्भवती महिलाएं जरूर पढ़ लें ये खबर, अगर आपको है ये बीमारी तो समय से पहले हो सकती है डिलीवरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 20 Mar 2018 02:35 PM IST
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Pyorrhea
- फोटो : amar ujala
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पायरिया से जूझ रहीं करीब 30 प्रतिशत महिलाओं को गर्भावस्था में समय से पूर्व ही प्रसव हो जाता है। ओरल हेल्थ में पायरिया सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है, वहीं दांतों में सड़न दूसरे नंबर पर है। यह जानकारी केजीएमयू के पीरियोडॉन्टोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवित्र रस्तोगी ने वर्ल्ड ओरल हेल्थ-डे की पूर्व संध्या पर सोमवार को दी। उन्होंने पीरियोडॉन्टिक्स ब्रांच की ओर से की गई शोध को सामने रखा।
Pyorrhea
- फोटो : amar ujala
डॉ. पवित्र रस्तोगी ने बताया कि पीरियोडॉन्टाइटिस (पायरिया) मुंह के सॉफ्ट टिश्यू की बीमारी है। अगर यह बीमारी लेट स्टेज तक पहुंच जाए तो संक्रमण का बड़ा श्रोत बन जाती है। गर्भवती के लिए सीवियर पायरिया सबसे अधिक खतरनाक है। पायरिया ग्राम नेगेटिव इन्फेक्शन पैदा करती है। ग्राम नेगेटिव इन्फेक्शन के कारण गर्भवती के यूट्रस और गर्भनाल में संक्रमण हो जाता है। इससे उन्हें प्री-टर्म डिलीवरी हो जाती है। प्री-टर्म डिलीवरी से न सिर्फ नवजात की जान जाने का खतरा होता है, बल्कि इससे शिशु में संक्रमण, पीलिया, कम वजन की भी शिकायतें होती हैं।
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मधुमेह भी हो सकता है बेकाबू
डॉ. पवित्र ने बताया कि पायरिया से केवल गर्भवती महिलाओं को ही खतरा नहीं होता। इससे क्रॉनिक अर्टरी डिजीज (दिल के मरीजों) की मुश्किलें और भी बढ़ा देती है। लंबे समय तक पायरिया रहने से ग्राम नेगेटिव इन्फेक्शन के कारण मधुमेह के मरीजों का शुगर लेवल भी अनियंत्रित रहने लगता है।
डॉ. पवित्र ने बताया कि पायरिया से केवल गर्भवती महिलाओं को ही खतरा नहीं होता। इससे क्रॉनिक अर्टरी डिजीज (दिल के मरीजों) की मुश्किलें और भी बढ़ा देती है। लंबे समय तक पायरिया रहने से ग्राम नेगेटिव इन्फेक्शन के कारण मधुमेह के मरीजों का शुगर लेवल भी अनियंत्रित रहने लगता है।
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सुबह से ज्यादा जरूरी है रात को ब्रश करना
राष्ट्रीय स्तर पर हुई शोध में यह बात सामने आई है कि देश में केवल 7-8 प्रतिशत लोग ही सोने से पहले ब्रश करते हैं। डॉ. पवित्र ने बताया कि केजीएमयू की ओपीडी में आने वाले मरीजों पर हुई स्टडी में भी यह बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि सोने से पहले दांतों व मुंह को साफ करना सुबह से कहीं ज्यादा जरूरी होता है। रात में सोेते समय मुंह में सबसे कम गतिविधि होती है। ऐसे में ब्रश न करने से मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को एक्टिव होने का सबसे अधिक मौका मिलता है। ऐसे में ओरल कैविटी को प्रोटेक्ट रखने के लिए सुबह से कहीं ज्यादा जरूरी रात को ब्रश करना है।
राष्ट्रीय स्तर पर हुई शोध में यह बात सामने आई है कि देश में केवल 7-8 प्रतिशत लोग ही सोने से पहले ब्रश करते हैं। डॉ. पवित्र ने बताया कि केजीएमयू की ओपीडी में आने वाले मरीजों पर हुई स्टडी में भी यह बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि सोने से पहले दांतों व मुंह को साफ करना सुबह से कहीं ज्यादा जरूरी होता है। रात में सोेते समय मुंह में सबसे कम गतिविधि होती है। ऐसे में ब्रश न करने से मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को एक्टिव होने का सबसे अधिक मौका मिलता है। ऐसे में ओरल कैविटी को प्रोटेक्ट रखने के लिए सुबह से कहीं ज्यादा जरूरी रात को ब्रश करना है।
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बीमारियों की जड़ है दांत में बने प्लॉक
डॉ. रस्तोगी ने बताया कि मुंह में जो लार बनती है, उसमें बैक्टीरिया, फंगस और प्रोटोजोआ समेत 700 प्रकार के माइक्रोऑर्गेनिज्म होते हैं। दांतों को अगर ब्रश से साफ न किया जाए तो धीरे-धीरे ये जमने लगते हैं। प्लॉक मुंह में होने वाली सभी बीमारियों की जड़ है। ऐसे में सुबह व शाम नियमित रूप से ब्रश करना जरूरी है। इसके अलावा ओरल हेल्थ को बेहतर करने व ओरल हाइजीन को मेंटेन रखने के लिए 14 साल की उम्र के बाद से हर छह महीने पर दांतों की स्केलिंग जरूर कराएं।
डॉ. रस्तोगी ने बताया कि मुंह में जो लार बनती है, उसमें बैक्टीरिया, फंगस और प्रोटोजोआ समेत 700 प्रकार के माइक्रोऑर्गेनिज्म होते हैं। दांतों को अगर ब्रश से साफ न किया जाए तो धीरे-धीरे ये जमने लगते हैं। प्लॉक मुंह में होने वाली सभी बीमारियों की जड़ है। ऐसे में सुबह व शाम नियमित रूप से ब्रश करना जरूरी है। इसके अलावा ओरल हेल्थ को बेहतर करने व ओरल हाइजीन को मेंटेन रखने के लिए 14 साल की उम्र के बाद से हर छह महीने पर दांतों की स्केलिंग जरूर कराएं।