बतौर साहित्यकार एवं संगीतकार पहचान बनाने वाले विजय नरेश की याद में मंगलवार को गोमतीनगर स्थित अंतर्राष्ट्रीय बौद्घ संस्थान के सभागार में महफिल सजी। इसमें हास्य, व्यंग्य से राजनीतिक हालात पर चोट की गई।
कवि नरेश सक्सेना के संचालन में पटकथा लेखक और कॉमेडियन वरुण ग्रोवर ने गुदगुदाया। कहा कॉमेडियन होने के लिए सनकी होना जरूरी है। यूपी की व्यवस्थाओं में सनकी ही बना जा सकता है, इसीलिए मैं कॉमेडियन हूं। बोले, प्रदेश में भरोसे का आलम यह है कि यहां से गुजरने वाली ट्रेनों के टॉयलेट के मग भी मोटी चेन से बांधे जाते हैं। मुम्बई स्टेशन हादसे को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया।
वरुण ने प्रदेश सरकार पर कटाक्ष किया कि कैंपेन चलाकर सीएम के पशु प्रेम को लोगों तक पहुंचाया गया। सवाल यह है कि उन्हें इंसानों से कितना प्रेम है। उन्होंने केंद्र के मंत्री से लेकर पद्मावत फिल्म के विरोध तक पर चुटकी ली। आखिर में श्रोताओं ने कवि राजेश जोशी और वरुण ग्रोवर से सवाल किए।
कवि जोशी ने मौजूदा हालात पर पढ़ा, जो इस पागलपन में शामिल नही होंगे, मारे जाएंगे। कठघरे में खड़े कर दिए जाएंगे, जो विरोध में बोलेंगे, जो सच बोलेंगे, मारे जाएंगे। उन्होंने कविता प्रतीक्षा और उल्लंघन से भी मौजूदा हालात पर सवाल उठाया। राजेश जोशी ने व्याख्यान में मौजूदा हालात को क्रूर होने के साथ हास्यास्पद बताया। कहा कि अभिव्यक्ति पर राजनीतिक और सामाजिक दबाव है। कवि के अंदर के भाव बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
राजनेताओं की बयानबाजी को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि हाल ही में एक बयान आया कि बंदर से आदमी नहीं बना। अगर ये बात पहले ही बता देते तो मुझे एमएससी नहीं करनी पड़ती। इससे पहले साहित्यकार शालिनी माथुर विजय नरेश के साथ गुजारे पल याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि साहित्य, कला, संगीत विजय नरेश के व्यक्तित्व का संगम थी।