बाढ़ का कहर चार तहसील क्षेत्रों में जारी है। चार तहसीलों के 40 गांवों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ग्रामीण खानाबदोश की तरह जीवन गुजार रहे हैं। वहीं महसी के मांझा दरिया बुर्द-केवलपुर संपर्क मार्ग पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। लोग ठेलिया पर बाइक लादकर ले जा रहे हैं बहराइच का मोतीपुर तहसील का दूधनाथपुरवा गांव सरयू नदी के निशाने पर आ गया है। नदी गांव काटने को बेताब दिख रही है। रविवार को प्राथमिक विद्यालय का भवन कट कर नदी में समा गया। साथ ही 25 ग्रामीणों के मकान नदी ने काट दिए।
जिले की तहसील महसी, कैसरगंज, मोतीपुर व नानपारा आंशिक में बाढ़ का कहर है। चार तहसील क्षेत्र के 40 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ क्षेत्र के ग्रामीण खानाबदोश की तरह जीवनयापन कर रहे हैं।
महसी तहसील के मांझा दरिया बुर्द-केवलपुर संपर्क मार्ग पर तीन फुट पानी चल रहा है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। गांव के लोग ठेलिया पर बाइक व अन्य सामान लादकर गंतव्य को जा रहे हैं।
इसके अलावा तहसील क्षेत्र के घूरदेवी, भौंरी, धोबियनपुरवा, खालेपुरवा, मरवठ, घारा, बंभौरी, गंगापुरवा, कहारनपुरवा, चौहानपुरवा, लोनियनपुरवा समेत 25 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। मोतीपुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी कहर बरपा रही है। नदी कटान करते हुए दूधनाथपुरवा गांव के अस्तित्व को मिटाने के लिए बेताब है।
गांव में पूर्व व माध्यमिक विद्यालय का कायाकल्प योजना के तहत निर्माण हुआ था, लेकिन रविवार को विद्यालय भवन कटकर नदी में समा गया। इसके अलावा 25 ग्रामीणों के मकान भी कट गए। कटान तेज होने के बाद भी कोई राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंच रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।