लखनऊ के हुसैनाबाद पवाजा में उपद्रवियों को जब पुलिस चिह्नित कर घरों में दबिश देकर गिरफ्तार कर रही थी। तो उस वक्त महिलाएं उनके ढाल के रुप में सामने आकर खड़ी हो गई। काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला। दरवाजा खोला तो पुलिस के सामने खड़ी होकर अभद्रता का आरोप लगाने लगी। लेकिन पुलिस की सख्ती केआगे एक न चली। एक-एक कर एक दर्जन उपद्रवियों को पुलिस ने दबोच लिया।
लखनऊ हिंसाः उपद्रवियों की ढाल बनीं महिलाएं, पुलिसकर्मियों पर लगाए ये आरोप
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उपद्रवी आगजनी की पूरी तैयारी करके आए थे। उपद्रवी साथ में पिपिया और कांच की बोतल लेकर आये थे। सतखंडा चौकी के बाहर खड़ी बाइकों से ही उन्होने पेट्रोल निकाला था। जिसका प्रयोग चौकी को जलाने में किया। उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर भी पेट्रोल बम फेंके। डीएम अभिषेक प्रकाश व एसएसपी कलानिधि नैथानी पहुंचे।
तमंचे से फायरिंग की तो पीछे हटी पुलिस
अचानक हुसैनाबाद इलाके में प्रदर्शनकारियों ने तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। देखते-देखते एक के एक कर करीब 23 राउंड फायरिंग की। वहीं जबावी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी 25-30 राउंड हवाई फायरिंग की। हुसैनाबाद की गलियों में करीब 35आंसू गैस के गोले दागे गये। पुलिस पर पथराव करने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी आसपास के घरों में जा घुसे। वह छतों पर चढ़ गये और पथराव करना शुरू कर दिया। पुलिस ने खुद को बचाने के लिए छतों पर खड़े लोगों को अंदर जाने का निर्देश दिया।
नमाज के दौरान भी नहीं रुका बवाल
शाम करीब चार बजे अशर की अजान हुई। इस पर भी उपद्रवी नहीं माने। जबकि मस्जिद के पास ही खड़े थे। कुछ देर में अशर की नमाज शुरू हुई। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव जारी रखा। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और कुछ को पकड़ लिया।
यूपी में विभिन्न संगठनों के नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के मद्देनजर लागू की गई धारा 144 बृहस्पतिवार को बेअसर रही। पूरे राज्य में 102 स्थानों पर प्रदर्शन हुए।