लखनऊ के परिवर्तन चौक पर उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन के पास कोई इंतजाम नहीं था। शायद अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण चौराहे पर इतने बड़े उपद्रव के बारे में सोचा ही नहीं था, इसलिए कोई तैयारी नहीं की। खुफिया एजेंसियां भी यहां पर फेल नजर आईं। यही वजह थी कि उपद्रवियों ने जबरदस्त पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ कर न सिर्फ पुलिसकर्मियों के पसीने छुड़ा दिए बल्कि तीन बार फोर्स को खदेड़ भी दिया।
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प्रदर्शनकारियों का उपद्रव
- फोटो : अमर उजाला
हालात संभालने के लिए पुलिस ने टियर गैस चलाई लेकिन हवा का रुख विपरीत होने से प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों के बजाए खुद ही बेहाल हो गई। फायरिंग के लिए जो बंदूकें निकालीं, एक-दो गोली चलने के बाद वह भी फुस्स हो गईं। रबर बुलेट और वज्र वाहन न होने से भी उपद्रवी हावी रहे। हुसैनाबाद और पक्का पुल पर भी उपद्रवियों से जूझ रहे पुलिसकर्मियों को यही दिक्कतें पेश आईं।
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टियर गैस छोड़ते पुलिसकर्मी
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परिवर्तन चौक पर मौजूद पुलिसकर्मियों के पास उपद्रवियों से निपटने के लिए डंडे, टियर गैस और लोहे की बैरीकेडिंग के अलावा कोई और इंतजाम नहीं था। शुरुआती विरोध प्रदर्शन को पुलिस ने बैरीकेडिंग करके संभाला। प्रदर्शनकारी उग्र हुए और धक्का-मुक्की करके बैरीकेडिंग छितरा दीं तो पुलिस ने लाठियों का इस्तेमाल किया। उपद्रवी बेगम हजरत महल पार्क के भीतर से पथराव करने लगे तो बचाव और नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम न होने पर पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा।
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प्रदर्शनकारियों का उपद्रव
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इस दौरान टियर गैस छोड़ी लेकिन हवा का रुख विपरीत होने से उसका धुआं फोर्स के लिए ही मुसीबत बन गया। टियर गैस के गोले फेंकने वाली गन ने भी कई बार धोखा दिया। पौन घंटे के पथराव के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस फोर्स को तीन बार खदेड़ दिया। घुटने टेकने को मजबूर पुलिसकर्मियों ने सिर्फ धमाके वाले कारतूस चलाने के लिए बंदूकों पर दांव लगाया। हजरतगंज इंस्पेक्टर धीरेंद्र प्रताप कुशवाहा ने एक बंदूक से फायर किया लेकिन दोबारा उस बंदूक से गोली नहीं चली। दूसरी बंदूक भी फुस्स साबित हुई।
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प्रदर्शनकारियों का उपद्रव
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इस बीच टियर गैस खत्म हो गई तो फोर्स के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन टियर गैस के दो डिब्बे मंगाए गए। मौके पर मौजूद आईजी रेंज एसके भगत और कमिश्नर मुकेश मेश्राम वज्र वाहन और रबर बुलेट के लिए कहते रहे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। कोई इंतजाम न होने पर फायर ब्रिगेड की आड़ लेकर उपद्रवियों को भगाया गया। हुसैनाबाद में भी उपद्रवियों से निपटने के लिए पंप गन फेल साबित हुईं। यहां भी टियर गैस खत्म हो गई। ठाकुरगंज और काकोरी थानों से टियर गैस मंगाकर मोर्चा लिया गया।