‘ये कौन सा हथियार है सर, इसे कैसे चलाते हैं? जवाब मिला कि दुश्मनों की संख्या जब ज्यादा हो या बंकर में दुश्मन ताक में बैठा हो तो उसको नेस्तनाबूद करने के लिए इस 30 एमएम रॉकेट लांचर का इस्तेमाल करते हैं। एक ही बार में, अपनी जगह पर बैठे-बैठे हम उसे खत्म कर देते हैं।’ ऐसे कई सवाल-जवाब सेना मेले में जवानों व स्कूली बच्चों के बीच हुए।
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सेना मेला
- फोटो : अमर उजाला
मेला मध्य कमान की ओर से छावनी के रेसकोर्स मैदान के सामने ओपन ग्राउंड पर मंगलवार से शुरू हुआ।
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सेना मेला
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‘अपनी सेना को जानें’ का आयोजन बच्चों व युवाओं को सेना के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया। मेला बुधवार को भी सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक खुला रहेगा।
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सेना मेला
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मेले में एनसीसी निदेशालय व भर्ती निदेशालय की ओर से स्टॉल, फूड व चिकित्सा स्टॉल भी लगाए गए।
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खुखरी नृत्य ने भरा रोमांच
भारतीय सेना के तीन अंगों के जवान अपने अदम्य साहस और वीरता के लिए जाने जाते हैं। इनमें से थल सेना की गोरखा रेजीमेंट का अपना गौरवशाली इतिहास है और इस रेजीमेंट के जवान दिलेर होने के साथ जोश से भरे होते हैं। इनका खुकरी नृत्य रोमांच भर देता है। मेले में इन्होंने नृत्य कौशल का परिचय देकर माहौल में रोमांच भर दिया। इसके अलवा गतका व अन्य आयोजन भी हुए।