फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

370 हटने से दशकों बाद घर वापसी की ख्वाहिश, बोले- आतंकियों ने दी थी धमकी, आए तो गोली मार देंगे

Thu, 08 Aug 2019 09:56 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 08 Aug 2019 09:56 AM IST
विज्ञापन
people's reaction on removing article 370 from jammu and kashmir
लखनऊ में बसे परिवारों में खुशी की लहर - फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार की ओर से कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले के बाद से यूं तो पूरे देश में खुशी की लहर है लेकिन यह फैसला निर्वासित कश्मीरियों के लिए सबसे खास है। आतंकियों की वजह से अपना घर, जमीनें और व्यवसाय छोड़कर वहां से आने को मजबूर हुए कश्मीरियों की खुशी का ठिकाना नहीं है। दशकों बाद एक बार फिर से उन्हें अपने पूर्वजों के घर वापसी की उम्मीद बंधी है। राजधानी में रह रहे तकरीबन ढाई सौ कश्मीरी परिवारों में इस समय जश्न का माहौल है और वे अपने पुश्तैनी गांवों में लौटने की योजना बना रहे हैं। कश्मीरी परिवारों में जश्न जारी है। मंगलवार को भी कश्मीरी परिवारों के यहां खुशी का माहौल रहा। अमर उजाला से बातचीत में इन परिवारों ने साझा कीं अपनी खुशियां।

 
people's reaction on removing article 370 from jammu and kashmir
डीके रैना और उनका परिवार - फोटो : अमर उजाला

29 साल से दिल में दबी थी घर वापसी की ख्वाहिश
 कश्मीर का माहौल जब रहने लायक नहीं बचा तो 19 जनवरी 1990 को हम चार परिवार ट्रक में बैठकर रातों-रात कश्मीर से बाहर आ गए। हमारे ट्रक के आगे और पीछे सेना का एक-एक ट्रक चल रहा था। उम्मीद थी कि माहौल सुधरेगा तो 10-15 दिन में हम लोग वापस आ जाएंगे। 29 साल हो गए पर 15 दिन में घर लौटने की ख्वाहिश दिल में आज भी दबी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की कोशिशों से यह ख्वाहिश अब पूरी होती दिख रही है। राजधानी निवासी डीके रैना ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद कुछ इस तरह से अपनी खुशी जाहिर की।
 

people's reaction on removing article 370 from jammu and kashmir
डीके रैना और उनका परिवार - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में राजनैतिक माहौल बदला तो डीके रैना ने भावुक होते हुए अमर उजाला के साथ अपने मन की बात साझा की। उन्होंने बताया कि कश्मीर के हालात बेहद खराब हो चुके थे। दंगे और हमलों के बीच परिवार की सुरक्षा खतरे में लग रही थी। ऐसे में पलायन मजबूरी थी। हमारा घर हब्बा कदल में था। हमारे परिवार के साथ ही साले रोशन कौल और रवि कौल, साली अंजलि कौल और हमारे एक पड़ोसी ने वहां से निकलने की योजना बनाई। उम्मीद थी कि जल्द ही घर लौट आएंगे। इसलिए साथ में सिर्फ मामूली सामान तथा कंबल रजाई ली। हमारे साले का घर थोड़ा दूर था तो वे रात में सिर पर रजाई रखकर कई किलोमीटर का सफर तय करके ट्रक के पास पहुंचे। सेना ने हमें बनियल तक पहुुंचा दिया। इसके बाद हमारे परिवार ने कुछ दिन टेंट में गुजारे। इसके बाद एक-एक कमरा लेकर हम लोगों ने गुजर बसर किया। कमरे में इतनी जगह हुआ करती थी जिसमें हम मुश्किल से लेट सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
people's reaction on removing article 370 from jammu and kashmir
डीके रैना और उनका परिवार - फोटो : अमर उजाला
डीके रैना बताते हैं कि हालात सुधरने के बाद दो तीन बार अपने घर तक गया। घर तो गिर चुका है और सामान चोरी हो चुका था और माहौल इतना खराब था कि कुछ मिनट ठहरना भी मुश्किल था। वहां पर विस्थापित हिंदुओं के मकानों पर अघोषित सा कब्जा हो चुका है। अब उम्मीद है कि वहां के हालात सुधरेंगे। इसके बाद सबसे पहले वहां हम अपना घर बनवाएंगे। इसके बाद कोशिश होगी कि अपनी सरजमीं पर जाकर बस सकें।
विज्ञापन
people's reaction on removing article 370 from jammu and kashmir
खुशी का इजहार करता डॉ आयुष का परिवार - फोटो : अमर उजाला

‘कश्मीर जाकर अब लगेगा की भारत में हैं’
पापा एमईएस में थे। इसलिए हम लोगों को पूरा भारत घूमने का मौका मिला। उनके साथ जम्मू-कश्मीर में भी रही। उनके दिल में कश्मीर बसता है इसलिए उन्होंने श्रीनगर में ही घर बनवा लिया। उनके पास हर साल जाती हूं, पर दिल में डर सा लगता है। लगता है कि भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में हूं। केंद्र सरकार ने धारा 370 समाप्त कर दिया है। अब वहां जाकर लगेगा कि हम भारत में ही हैं। यह कहना है दंत सर्जन डॉ. आयुष राजदान का।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed