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योगाभ्यास से पहले कुछ बातों का रखें ध्यान, कमजोरी लगे तो गर्म पानी के साथ इसका करें सेवन
Tue, 06 Aug 2019 04:59 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 06 Aug 2019 04:59 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
योग हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। इससे अनेक तरह के शारीरिक व मानसिक फायदे होते हैं। नियमित योग से शरीर के सभी अंग सुचारु रूप से कार्य करते हैं। दरअसल, योगाभ्यास के दौरान शरीर के हर छोटे-बड़े हिस्से का व्यायाम होता है। इससे शरीर में लचीलापन बना रहता है। योग तन के अलावा मन की शांति भी देता है। योग के कई आसन व ध्यान आपके विचारों को नियंत्रित व संतुुलित करते हैं।
डॉ. अमरजीत यादव योग संस्थान, लखनऊ विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
योग संस्थान लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. अमरजीत यादव का कहना है कि योगासन करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, तभी हम योग का पूरा फायदा उठा सकते हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
कमजोरी लगे तो गुनगुने पानी में शहद डालकर पीएं
योग शुरू करने से पहले जरूरी है शुद्धि यानी शौच। यह योग अभ्यास से पहले की क्रिया है। इसके अंतर्गत आसपास के वातावरण और मन की शुद्धि की जाती है। योगाभ्यास शांत वातावरण में मन को शांत करके किया जाना चाहिए। खाली पेट या अल्पाहार के बाद योगाभ्यास करें। यदि अभ्यास के दौरान कमजोरी महसूस हो रही है तो गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पी लें। हल्के व सूती कपड़े पहनें
योग शुरू करने से पहले जरूरी है शुद्धि यानी शौच। यह योग अभ्यास से पहले की क्रिया है। इसके अंतर्गत आसपास के वातावरण और मन की शुद्धि की जाती है। योगाभ्यास शांत वातावरण में मन को शांत करके किया जाना चाहिए। खाली पेट या अल्पाहार के बाद योगाभ्यास करें। यदि अभ्यास के दौरान कमजोरी महसूस हो रही है तो गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पी लें। हल्के व सूती कपड़े पहनें
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प्रतीकात्मक तस्वीर
हल्के व सूती कपड़े पहनें
चटाई, दरी, कंबल या योग मैट का इस्तेमाल करना चाहिए। योग करते समय शारीरिक गतिविधि में आसानी हो, इसलिए हल्के व सूती वस्त्र पहनने चाहिए। थकावट, बीमारी या जल्दबाजी में योग नहीं करना चाहिए। यदि कोई पुराना रोग हो, ह्दय संबंधी दिक्कत हो तो चिकित्सक की सलाह लेकर ही योग करना चाहिए। गर्भावस्था या मासिक धर्म के दौरान योग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
चटाई, दरी, कंबल या योग मैट का इस्तेमाल करना चाहिए। योग करते समय शारीरिक गतिविधि में आसानी हो, इसलिए हल्के व सूती वस्त्र पहनने चाहिए। थकावट, बीमारी या जल्दबाजी में योग नहीं करना चाहिए। यदि कोई पुराना रोग हो, ह्दय संबंधी दिक्कत हो तो चिकित्सक की सलाह लेकर ही योग करना चाहिए। गर्भावस्था या मासिक धर्म के दौरान योग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
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प्रार्थना से करें शुरुआत
योग की शुरुआत प्रार्थना से करनी चाहिए। सांस लेने व छोड़ते समय सजग रहना चाहिए। श्वास-प्रश्वास की गति तब तक नहीं रुकनी चाहिए जब तक विशेष रूप से न कहा जाए। सांस नाक से ही लेनी चाहिए। अभ्यास के समय शरीर को शिथिल रखें और अपनी क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें। किसी का भी परिणाम आने में समय लगता है, इसका ध्यान रखें। योग का समापन शांति पाठ से करना चाहिए। योग करने के 20 मिनट बात ही नहाना चाहिए और 20 मिनट से पहले कुछ नहीं खाना चाहिए।
योग की शुरुआत प्रार्थना से करनी चाहिए। सांस लेने व छोड़ते समय सजग रहना चाहिए। श्वास-प्रश्वास की गति तब तक नहीं रुकनी चाहिए जब तक विशेष रूप से न कहा जाए। सांस नाक से ही लेनी चाहिए। अभ्यास के समय शरीर को शिथिल रखें और अपनी क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें। किसी का भी परिणाम आने में समय लगता है, इसका ध्यान रखें। योग का समापन शांति पाठ से करना चाहिए। योग करने के 20 मिनट बात ही नहाना चाहिए और 20 मिनट से पहले कुछ नहीं खाना चाहिए।