पल भर में उजड़ गईं सारी खुशियां, चार दिन पहले दी थी नए घर की पार्टी, दिसंबर में थी शादी
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त्रिवेणीनगर के निकट एकता पार्क निवासी अरविंद मिश्रा का बेटा हिमांशु (32)माता-पिता से मिलने लखनऊ आया था। यह उनकी आखिरी मुलाकात थी। आलूद स्कूल के मेन गेट के पास अरविंद मिश्रा का घर है। भतीजे रिशु ने बताया कि अरविंद मिश्रा का बेटा हिमांशु आईआईटी से इंजीनियरिंग और एमबीए करने के बाद दिल्ली में एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर केपद पर तैनात था। उसकी शादी स्मृति मिश्रा से हुई थी। छह महीने का बेटा है। हाल ही में हिमांशु ने मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर एक एनजीओ में काम शुरू किया था। हिमांशु का परिवार दिल्ली में रहता था। वह लखनऊ माता-पिता से मिलने आए थे। पिता अरविंद मिश्रा जलनिगम में स्टेनोग्राफर हैं। रविवार रात को वह जनरथ से दिल्ली जा रहे थे। बहन स्वेच्छा बंगलूरू में एक बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात हैं।
छुट्टी पर घर आया था दीपक
काकोरी के पास मोहान रोड निवासी कुसुम सिंह को जब न्यूज चैनल के जरिए बड़े बेटे दीपक सिंह (30) की मौत की सूचना मिली तो वे बदहवाश हो गईं। पति की मौत के बाद दीपक ने पूरे परिवार को संभाल रखा था। डेढ़ साल पहले उसने नोएडा की एक कंपनी में नौकरी शुरू की थी। वहीं, छोटा बेटा नीरज भी गुड़गांव के एक टेलीकॉम कंपनी में काम करता है। तीसरा बेटा सूरज और बेटी पूजा उनके साथ रहते हैं। पूजा ने बताया कि पिता महावीर प्रसाद शिक्षा विभाग में वरिष्ठ सहायक के पद से रिटायर हुए थे। दीपक सप्ताहभर की छुट्टी लेकर घर आया था। परिवार के लोग उसकी शादी की बात कर रहे थे। रात 9.30 बजे दीपक नोएडा के लिए बस पर बैठा था। मां से बातचीत होने पर उसने सुबह पहुंचने पर कॉल करने की बात कही। सुबह बात नहीं हुई तो उसे कॉल की गई, लेकिन जवाब नहीं मिला। इस बीच एक न्यूज चैनल के जरिए दीपक की मौत की सूचना मिली। इस पर सूरज लखनऊ से व नीरज गुड़गांव से आगरा के लिए रवाना हो गए। कुसुम सिंह का पूरा परिवार उत्तराखंड का रहने वाला है।
बेटे को लेकर महाकालेश्वर दर्शन के लिए जाना था
कैंट रोड कैसरबाग निवासी महावीर प्रसाद के बेटे सुशील अग्रवाल (48) की बस हादसे में मौत हो गई। उनकी शुभम सिनेमा केपास किराने की दुकान है। बेटा राघव अग्रवाल दिल्ली में एक निजी कॉलेज से बीटेक कर रहा है। रविवार को सुशील बेटे से मिलने दिल्ली जा रहे थे। परिवारीजनों के मुताबिक सुशील बेटे राघव के साथ दिल्ली से उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर दर्शन करने के लिए जाते। वहां से बेटे को छोड़कर वापस घर आना था। परिवार में माता-पिता, पत्नी, दो भाई और उनका परिवार है। हादसे की सूचना मिलते ही घर पर लोगों का आना शुरू हो गया था। देर रात तक रिश्तेदार व परिचित उनके शव का इंतजार कर रहे थे।
गोमतीनगर के खरगापुर निवासी डॉ. मनीष सिंह (44) होम्योपैथ के चिकित्सक हैं। साथ ही वह एनजीओ भी चलाते थे। एनजीओ के काम से अक्सर दिल्ली जाते थे। रविवार को भी वह एनजीओ के काम के सिलसिले में जनरथ बस से दिल्ली जा रहे थे। पत्नी अंशू रानी सिंह, बेटी वंशिका और बेटा सारस्वत को पता नहीं था। वह रविवार रात को पिता के साथ अंतिम बार भोजन कर रहे हैं। पत्नी अंशू रानी मुताबिक दोपहर में आगरा पुलिस का फोन आया कि हादसे में मनीष की मौत हो गई। अंशू ने अपने परिवारीजनों को सूचना दी। परिवार के लोग आगरा शव लेने गए हैं।