लखनऊ के चक गंजरिया सुपर स्पेशिएलिटी कैंसर संस्थान में नवंबर से ओपीडी शुरू हो जाएगी। साथ ही 60 बेड पर मरीजों की भर्ती भी होने लगेगी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन और टाटा कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. आर बडवे ने मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मुहैया कराने के लिए और टाटा मेमोरियल कैंसर सेंटर के बीच सोमवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किया।
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योजना भवन में एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया
- फोटो : अमर उजाला
इससे इलाज के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करने, तकनीकी हस्तांतरण और कैंसर संस्थान के चरणबद्ध निर्माण में भी सहयोग टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान सहयोग करेगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने योजना भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा, कैंसर संस्थान में कुछ योजनागत कमियों के कारण इलाज मुहैया कराने में देरी हो रही है।
रेडियोथेरेपी के लिए एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड में जून 2017 में आवेदन किया गया था। नवंबर-दिसंबर में इसकी अनुमति मिली। जनवरी में रेडियोथेरेपी ब्लॉक का काम शुरू हो गया। उपकरणों, डॉक्टर व अन्य स्टाफ की नियुक्ति का कार्य चल रहा है। टंडन ने कहा, प्रदेश में कैंसर के मरीजों की संख्या कितनी है, कौन-कौन से मरीज इलाज के लिए चिकित्सा संस्थानों में पहुंच रहे हैं, इसका डेटा जुटाने का कार्य भी यहां होगा।
टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. आर बडवे ने कहा, मुंबई में 70 हजार लोग हर साल कैंसर का इलाज कराने आते हैं। इनमें से 20 फीसदी यूपी के होते हैं। कैंसर संस्थान की स्थापना से ऐसे मरीजों इलाज केलिए मुंबई नहीं जाना होगा। हमारेविशेषज्ञ कैंसर चिकित्सा प्रक्रिया, चिकित्सा शिक्षा, शोध में मदद करेंगे। हर एक-दो माह में विशेषज्ञ भी दौरा करने इलाज और अन्य सुविधाओं को बढ़ाने में मदद करेंगे।
डॉ. बडवे ने बताया कि ‘नव्या’ नाम एक ऑनलाइन पोर्टल मरीजों व उनके परिवारीजनों को इलाज में मदद करेगा। इस पोर्टल पर मरीज अपनी बीमारी के लक्षण की जानकारी देगा। इसी आधार पर 24 घंटे के अंदर मरीज को इलाज की सलाह व क्या बेहतर तकनीक से इलाज से फायदा होगा इसकी भी जानकारी दी जाएगी। इसकेअलावा एक ऑनलाइन कैंसर ट्यूटोरियल का भी शुभारंभ भी किया जाएगा। इस मौकेपर विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा जयंत नार्लिकर, केजीएमयू के कुलपति प्रो.एमएलबी भट्ट, डॉ.एचएस पाहवा, डॉ. शरद सिंह भी मौजूद थे।