लखनऊ के पीजीआई के तेलीबाग में रिश्तों को कलंकित व इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना हुई।
शादी समारोह में आया 50 साल का हैवान डेढ़ साल की बच्ची को बहलाने-खिलाने के बहाने गोद में उठाकर छत पर ले गया और दरिंदगी की। उसी वक्त छत पर आई महिला ने देखा तो उनकी चीख निकल गई। इस पर परिवारीजन छत पर पहुंचे और हैवान की पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बच्ची का पिता पेंटर है। चार मई को उसके छोटे भाई की शादी है इसलिए घर पर रिश्तेदार आए हुए हैं। रविवार सुबह बच्ची की मां घर के कामकाज में व्यस्त थीं। इस दौरान बच्ची का रोना सुनकर पेंटर का गोसाईंगंज निवासी 50 वर्षीय मामा वहां आया और बच्ची को गोद में उठा लिया।
कुछ देर बच्ची को लेकर घर के बाहर टहलता रहा, फिर छत पर पहुंचकर मासूम का मुंह दबाकर हैवानियत शुरू कर दी। इस बीच पेंटर की चाची किसी काम से छत पर आ गईं और बच्ची को हैवान के चंगुल में फंसा देख पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार सुनकर परिवारीजन व रिश्तेदार छत की तरफ दौड़े। बच्ची की हालत देख अधेड़ को पकड़कर लात-घूसों से पिटाई कर पुलिस को सूचना दी।
बच्ची के साथ हुई दरिंदगी से उसकी मां को गहरा सदमा लगा है। उसने कहा कि, ‘वो तो बाबा की उमर का था। नन्हीं सी बच्ची को हर कोई गोद में उठा लेता है। लाड-प्यार करता है।’ पीड़ित मां ने कहा कि उन्होंने दरिंदे को ऐसा करते देखा तो उसे सामान्य समझा। क्या पता था कि हैवान के मन में क्या है। बच्ची की मां ने कहा कि, ‘घर आने वाले रिश्तेदार ऐसे होंगे, यह तो कोई सोच भी नहीं सकता। कभी महसूस नहीं किया था कि रिश्तेदारों से ही बेटियों को बचाना पड़ेगा।’