नौ महीने बाद अपनों से मिलकर ओडिशा के ग्राम बोडमाल जिला झरसुगड़ा निवासी मल्ली खंडा (70) की आंखें खुशियोें के आंसू से भर गईं। पीजीआई थाने में बरगद के पेड़ के नीच बैठीं मल्लीखंडा उड़िया में भजन गुनगुना रहीं थी। इस बीच एक शख्स उनके सामने आकर खड़ा हो गया। बुजुर्ग महिला ने नजरें उठाकर देखा तो वह उनका छोटा बेटा मिंकीतन था। बेटे ने मां को गले से लगा लिया। मिंकीतन अपने बड़े भाई के लड़के भोगना के साथ आया था।
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अपने बेटे के साथ मल्ली खंडा
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि मल्ली खंडा (70) नौ महीने पहले धार्मिक यात्रा के दौरान अपनी मंडली से बिछड़ गई थीं। 30 सितंबर को वृंदावन सेक्टर-6 निवासी दिव्या वर्मा व सुमैय्या खातून ने कोचिंग से लौटते वक्त रास्ते में उन्हें रोता देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक, मल्ली खंडा के बेटे ने बीती एक फरवरी को अपनी मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट बोडमाल के थाने में दर्ज कराई थी।
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मिंकीतन
- फोटो : अमर उजाला
बेटा मिंकीतन ने बताया कि 20 जनवरी के आसपास मां धार्मिक स्थलों के दर्शन करने निकली थीं। इस बार नहीं लौटीं तो एक फ रवरी को बोडमल थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।
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मल्ली खंडा
- फोटो : अमर उजाला
लेकिन शुक्रवार को जब बोडमल थाने की पुलिस उसके घर पहुंची और खबर दिया कि तुम्हारी मां लखनऊ में है। इस पर मिंकीतन शनिवार शाम ट्रेन पर बैठ गया और रविवार को लखनऊ पहुंच गया।
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मल्ली खंडा
- फोटो : अमर उजाला
शाम को पीजीआई थाने पहुंचा मिंकीतन अपने साथ मां के लिए कपड़े लेकर आया था। मल्ली खंडा ने कपड़े पहने और सभी को हाथ जोड़कर धन्यवाद देने लगीं।