‘काफी समय से किसी ऐसे प्रोजेक्ट से जुडऩा चाहता था कि जहां खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को निखारने के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सके। लखनऊ से जुडऩे की यहीं वजह रही, क्योंकि यहां स्कूल के साथ बढिय़ा ग्राउंड और खिलाड़ी एवं ट्रेनर के रहने की उचित व्यवस्था है।’
यह कहना है पूर्व भारतीय कप्तान एवं मिस्टर कूल महेंद्र सिंह धोनी का, जो राजधानी में शनिवार को सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में स्पोट्र्स गैलेक्सी बाई एमएस धोनी प्रोजेक्ट का शुभारंभ करेंगे। शुक्रवार को एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि स्कूल में क्रिकेट के साथ ही विभिन्न खेलों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
राजधानी में आईपीएल मैच को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में माही ने कहा कि देखिए आईपीएल में आठ फ्रेंचाइजी टीमें है, जो आमतौर पर अपने घर पर खेलना पसंद करती हैं। लखनऊ को अभी तक किसी फ्रेंचाइजी टीम ने अपना होम ग्राउंड नहीं बनाया है, लेकिन इसमें परेशानी वाली कोई बात नहीं। मेरे ख्याल से यहां आईपीएल के बजाए इंटरनेशनल क्रिकेट होना चाहिए, जो यूपी के क्रिकेट को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
नेपाल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दर्जा मिलने के बाबत धोनी ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि भारत का पड़ोसी देश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सकेगा। कुछ समय वहां की टीम से मिला था। सभी बहुत मेहनती क्रिकेटर है। उनकी सफलता को जानकर खुश हूं। नेपाल ही क्यों, अफगानिस्तान ने भी अपने प्रदर्शन से सभी दिग्गज टीमों को प्रभावित किया है।