मां दुर्गा की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि 18 मार्च से शुरू हो रहा है। सनातन धर्म में हिंदू नव वर्ष के आरंभ में ही जगतजननी की भक्ति को सर्वोपरि माना गया है। मां की पूजा से जहां मन को शांति मिलती है, वहीं शक्ति का संचार भी होता है। इस बार पड़ रहे आठ दिन के नवरात्र का विशेष महत्व है। मान्यता है कि नवरात्र में सच्ची भक्ति करने वालों की मनोकामनाएं माता रानी जरूरी पूरी करती हैं।
2 of 9
navratri 2018
- फोटो : amar ujala
लखनऊ के आचार्य प्रदीप तिवारी के अनुसार पूजा की कुछ सरल विधियां अपनाकर मां को प्रसन्न किया जा सकता है। उनका कहना है कि हर व्यक्ति की कोई न कोई कामना होती है। इसी के आधार पर पूजा की भी अलग-अलग विधियां हैं। अपनी कामना के अनुसार मां की पूजा करें तो फल अवश्य प्राप्त होगा।
3 of 9
navratri 2018
- फोटो : amar ujala
नवरात्रि के प्रथम दिन प्रातः काल में स्थापित करें। हालांकि, कलश स्थापना का सबसे उत्तम मूहुर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:32 तक है। इसके बाद माता की प्रतिमा की स्थापना करें। ध्यान रखें प्रतिमा का मुख उत्तर दिशा को ओर न हो।
4 of 9
navratri 2018
- फोटो : amar ujala
आचार्य प्रदीप तिवारी बताते हैं कि विद्या के इच्छुक लोग स्नान कर श्वेत वस्त्र धारण करें। सफेद आसन बिछाकर उत्तर मुख बैठकर मां के सरस्वती रूप का ध्यान कर उनकी आराधना करें। इस मंत्र का भी जप करें -
ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा
5 of 9
navratri 2018
- फोटो : amar ujala
दाम्पत्य सुख के लिए लाल वस्त्र धारण कर कमल के फूल के द्वारा देवी कात्यायनी की आराधना करनी चाहिए। मां को ऋंगार सामग्री अर्पित कर इस मंत्र का जप करें-
ऊँ क्लीं कत्यायनै नम: