लखनऊ के मोहनलालगंज में घर का यश... मां का दुलारा... पिता का सहारा... अपना आंगन सूना कर गया। परिवार को जिंदगीभर का सदमा दे गया। साइबर जालसाजों ने उसकी मासूमियत को ऐसा छला कि उसे जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मासूम यश की मौत से उसका गांव ही नहीं, पूरा जिला सदमे में है।
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम को उसका शव गांव पहुंचा तो हर कोई आखिरी बार उसे दुलारने के लिए टूट पड़ा। बेबस पिता इकलौते बेटे के शव को एकटक निहारते रहे। मां विमला की हालत बयां करने के लिए शब्द हल्के पड़ रहे हैं। वह जब भी होश में आतीं, बेटे के शव से लिपट जातीं।
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यश का शव देख विलाप करतीं मां विमला देवी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोस्तों से बोला था यश- हो सकता है अब न आ पाऊं
सोमवार को स्कूल से निकलते वक्त यश काफी उदास था। दोस्तों के पूछने पर उसने कहा था कि हो सकता है कि कल से मैं स्कूल न आ पाऊं। दोस्तों ने उसकी बात को मजाक समझकर टाल दिया था। यश के दोस्तों का कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि उनका दोस्त जान दे देगा तो उसके घरवालों को पूरे मामले की जानकारी दे देते।
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यश खुदकुशी मामले की जांच करती पुलिस और उसके पिता सुरेश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
10 माह से लगातार हो रहे थे ट्रांजेक्शन
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि बैंक की ओर भी छानबीन चल रही है। सामने आया है कि 10 माह से लगातार सुरेश के खाते से ऑनलाइन लेनदेन हो रहा था। शायद यह ऑनलाइन गेम में लगाई गई रकम का ही लेनदेन है। कई बार खाते में रकम आई भी है।
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मोहनलालगंज के धनुवासाड़ गांव में यश का शव देख विलाप करतीं मां विमला देवी और पिता सुरेश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि यश को गेम में जीतने पर ये रकम भेजी गई थी। कई बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कुछ माह पहले खाते से बड़ी रकम कटने का मेसेज फोन पर आया था। परिवार ने इस पर चर्चा की थी।
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मोहनलालगंज के धनुवासाड़ गांव में यश का शव देख विलाप करतीं मां विमला देवी और अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस दौरान यश ने उन्हें फेक मेसेज की बात कहकर गुमराह कर दिया था। सुरेश ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद भी लगातार ट्रांजेक्शन होते रहे। सोमवार को सुरेश को जब खाते में रुपये नहीं होने की जानकारी हुई थी तो उन्होंने यश को ट्यूशन पढ़ाने वाले टीचर से संपर्क किया था। टीचर को पूरी बात बताई थी। ट्यूशन में ही यश को पता चला था कि पिता को मामले की जानकारी हो गई है। उसने घर जाकर डर के मारे फंदा लगा लिया।