महोत्सव में भीड़ को काबू करने में प्रशासन व पुलिस मंगलवार को फेल हो गई। बेकाबू भीड़ ने पर्दे फाड़ डाले और पंडाल को चारों ओर से घेर लिया, जिसके बाद पुलिस ने दर्शकों पर लाठियां भांजी। भीड़ के चलते कई वीवीआईपी पासधारकों को बैरंग लौटना पड़ा। जबकि वीआईपी गेट पर भी पब्लिक व पुलिस में जमकर कहासुनी हुई और लाठियां चलानी पड़ी।
स्मृति उपवन में चल रहे लखनऊ महोत्सव में पुलिस व प्रशासन की नाकामी एक बार फिर से मंगलवार को उस वक्त उजागर हो गई, जब रॉकस्टार गुरु रंधावा को सुनने के लिए पहुंची भीड़ बेकाबू हो गई। दरअसल, गुरु रंधावा को सुनने के लिए दर्शकों का हुजूम दोपहर से ही जुटना शुरू हो गया था। पर, पुलिस प्रशासन की अदूरदर्शिता व लापरवाही के चलते शाम तक हालात बेकाबू हो गए।
दरअसल, प्रशासन ने पंडाल को चारों ओर से बंद कर दिया। पीछे की ओर दर्शकों की भीड़ जमा होने के बाद वीआईपी गेट पर लोग पहुंचे, जहां पासधारकों का रेला पहले से ही था। उधर शाम साढ़े आठ बजे जब वीआईपी गेट पर जब भीड़ बढ़ी तो वीआईपी पासधारकों को भी एंट्री नहीं मिल पाई और तमाम वीआईपी बैरंग लौट गए।
पुलिस ने भीड़ को वीआईपी गेट से हटाने के लिए लाठियां भी भांजी। जिसके बाद दर्शक तितर-बितर हुए। पर, कुछ देर बाद वहां फिर से सैकड़ों की भीड़ गुरु रंधावा की एक झलक पाने को पहुंच गई। प्रशासन व पुलिस ने घुटने टेक दिए, जिससे वीआईपी पासधारक भी पंडाल में नहीं पहुंच सके।
रात करीब सवा नौ बजे के बाद गुरु रंधावा जब मंच पर पहुंचा तो भीड़ का जोशोखरोश इतना बढ़ गया कि पुलिस के हाथपांव फूल गए। बैरिकेडिंग पर दर्शक चढ़ गए। जिसके बाद पुलिस ने लाठियां चलाकर उन्हें पीछे ढकेला। लेकिन बेकाबू भीड़ बैरिकेडिंग पारकर आगे निकल आई। वहीं पंडाल से सटे मीडिया सेंटर में भी बेकाबू भीड़ घुस गई। जिससे मीडियाकर्मियों को सेंटर से बाहर निकलना पड़ गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने भीड़ को सेंटर से बाहर निकाल दिया। पर, भीड़ ने सेंटर, वहां की कुर्सियां वगैरह तोड़ डाली।