लखनऊ के कृष्णा नगर में युवती द्वारा एक कैब चालक को पीटने का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर लोग युवती को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। दबाव बढ़ता देख पुलिस ने आरोपी युवती प्रियदर्शनी नारायण उर्फ लक्ष्मी निवासी केसरी खेड़ा कॉलोनी के खिलाफ लूट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में युवती ने खुद वीडियो जारी कर कैब चालक पर खुद को पीटने का आरोप लगाया है। उसने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाए और खुद को बीमार बताया। उसने बताया कि कैब चालक ने उसको पीटा और मारते हुए 300 मीटर तक ले गया लेकिन पुलिस खड़ी देखती रही।
प्रियदर्शनी ने मंगलवार को वीडियो वायरल कर कहा कि घटना के वक्त जब वह सड़क पार कर रही थी, तब ट्रैफिक सिग्नल रेड था। मगर वाहन गुजर रहे थे। चालक ने जेब्रा लाइन पर आकर एकदम सामने कैब रोकी। जबकि उसे जेब्रा लाइन के पीछे कैब रोकनी थी। बाल-बाल बचने पर जब चालक बहस करने लगा। इस पर मैंने चालक को पीटा। सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि की जा सकती है। प्रियदर्शनी का कहना है कि पुलिस ने मुझ पर लूट का मुकदमा दर्ज किया है। कोई बताए कि मैंने क्या लूटा। किसी फुटेज में मैं लूट करती दिखी?
प्रियदर्शनी ने इंस्ट्राग्राम पर लिखा है- सब लोग मुझे ही ब्लेम कर रहे हैं कि मैंने उसे क्यों मारा। कोई भी मेरी बात नहीं सुनना चाहता। मैं लगभग रोड क्रॉस कर चुकी थी, तब सिग्नल रेड था। तभी ड्राइवर ने मुझे अपनी कार से टक्कर मार दी। मैं भगवान की कृपा से बच गई। वह अपनी गलती नहीं मान रहा था और मुझसे बहस कर रहा था। इसीलिए मैंने उसे तमाचा मारा।
प्रियदर्शनी ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि मैंने कानून हाथ में लिया तो मैं माफी मांगती हूं। लेकिन चुप रहने के बजाय मैं इन एंटी सोशल एलीमेंट्स को जवाब देना ज्यादा बेहतर मानती हूं। उसने कहा- कुछ लोग मुझे फेक फेमनिस्ट और न जाने क्या बता रहे हैं। यह कम से कम, मरने और उसके बाद कैंडल मार्च निकलवाने से तो बढ़िया ही है।
कैब चालक को ही हवालात में डालने और फिर कोतवाली पहुंचे चालक के दो भाइयों को भी बंद करके शांतिभंग में तीनों पर कार्रवाई करने के बाद कैब छोड़ने के नाम पर दस हजार रुपये वसूलने के मामले की शुरुआती जांच में कई पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट मिलने पर इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
दरअसल, कैब चालक की पिटाई का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने पर लोगों ने प्रियदर्शनी के खिलाफ ट्विटर पर अभियान छेड़ दिया था। हैशटैग के साथ अरेस्ट लखनऊ गर्ल ट्रेड करने लगा। इंटरनेट मीडिया पर लोग युवती के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।