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Lucknow News: घर से एक साथ उठी पांच अर्थी... तो बिलख उठा पूरा मोहल्ला, अंतिम क्रिया करते समय कांप उठे हाथ

Mon, 14 Apr 2025 07:18 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 14 Apr 2025 07:18 PM IST
सार

राजस्थान में हुए सड़क हादसे में लखनऊ के एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत होने के बाद उनके शव घर पहुंचे। घर से एक साथ पांच अर्थी उठी तो पूरा मोहल्ला बिलख उठा। अंतिम क्रिया करते समय बेटे के हाथ कांप उठे। लोग परेशान परिजनों को ढांढस बंधाते रहे।

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Lucknow family cremated five people after they died in road accident
lucknow - फोटो : amar ujala

राजस्थान के जयपुर में रविवार को हुए हादसे में लखनऊ के ठाकुरगंज के मुसाहिब गंज निवासी एचसीएल कंपनी के साफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक सिंह (32), पत्नी प्रियांशी (33), बेटी श्री (छह माह), पिता सत्यप्रकाश (65) और मां रमादेवी (63) की मौत हो गई। उनके शव सोमवार तड़के चार बजे घर पहुंचे। शव देखते ही परिवार के लोग बिलख पड़े। घर से एक साथ पांच अर्थी उठते ही चीत्कार मच गई।



सुबह 11:30 बजे परिवार व पड़ोसी शव लेकर गुलाला घाट पहुंचे। अपने पिता सत्यप्रकाश, मां, छोटे भाई और भाभी के शवों को देख हिमांशु सिंह फिर बिफर पड़े। अंतिम क्रिया करते समय उनके हाथ कांप उठे। किसी तरह से उन्हें परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला। सदमे और गम में डूबे हिमांशु ने चारों को मुखाग्नि दी। जबकि, छह माह की दुधमुंही भतीजी श्री का शव दफन कर दिया।

Lucknow family cremated five people after they died in road accident
खत्म हो गया पूरा परिवार। - फोटो : amar ujala

गश खाकर गिर पड़े हिमांशु

इससे पहले हिमांशु जैसे ही शव लेकर घर पहुंचे तो वह गश खाकर गिर पड़े। परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। घर की एक-एक दीवार लोगों के रोने की आवाज से गूंज उठीं। परिवार और मोहल्ले के लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते रहे। मगर, आंखों से निकलते आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
Lucknow family cremated five people after they died in road accident
lucknow - फोटो : amar ujala

नन्हीं श्री के शव से लिपट गईं चाची

अपनी लाडली भतीजी श्री के शव से हिमांशु की पत्नी लिपट गईं। रुंधे गले से वह सिर्फ एक ही बात कहे जा रही थीं कि मेरी भतीजी अभी तक बोल भी न सकी, दुनिया भी नहीं देखी...और भगवान ने उसे हम सबसे छीन लिया। वह हम सबकी लाडली थी। मई में श्री का मुंडन संस्कार होना था। मगर, कभी सोचा नहीं था कि उसका अंतिम संस्कार करना पड़ेगा।
 
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Lucknow family cremated five people after they died in road accident
परिवार के पांच लोगों की मौत हुई है - फोटो : amar ujala

खुशियों ने मुंह मोड़ा, पसरा मातम

सत्य प्रकाश के बड़े भाई चंद्र प्रकाश बिलखते हुए बोले अभी हार्ट अटैक से भाई सूर्य प्रकाश की मौत हुई थी। सब उस दुख से उबर ही रहे थे। एक माह पूरा भी नहीं हुआ और भाई सत्य प्रकाश, रमा, भतीजा, बहू और पोती भी हमें छोड़कर चली गई। घर में खुशियों का माहौल था। एक और भाई अमेय के पोते का आज मुंडन था। हम सभी को सत्य प्रकाश के आने का इंतजार था कि पर पता नहीं था कि अब उनका व घरवालों के शव आएंगे। चंद्र प्रकाश ने कहा कि मानों अब ऐसा लग रहा है कि खुशियों ने घर से मुंह मोड़ लिया है। हर जगह मातम पसर गया है।
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Lucknow family cremated five people after they died in road accident
हादसे के बाद रोते बिलखते परिजन। - फोटो : amar ujala

पड़ोसियों का भी छलक उठा दर्द

शव देख पड़ोसी भी अपनी आंखों से बहते आंसुओं को रोक न सके। उनका भी दर्द छलक उठा। बुजुर्ग पड़ोसियों ने जिस अभिषेक को गलियों में खेलते देखा। उसकी शरारतें देखीं। अब उसका शव भी देख लिया। पड़ोसी सहम से गए। उन्होंने किसी तरह से शवों को कंधा दिया। 
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