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शिवपाल के सामने बोले कुमार विश्वास, चाचा भतीजे के झगड़े में लोगों ने नहीं देखा बिग-बॉस
Fri, 16 Dec 2016 05:46 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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Updated Fri, 16 Dec 2016 05:46 PM IST
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संवाद
- फोटो : amar ujala
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में सबसे कवि और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने जब शिवपाल यादव के साथ मंच साझा किया तो खूब ठहाके लगे। कुमार विश्वास ने हालांकि इस जुगलबंदी को अपनी प्रशंसा में खीर के साथ लहसुन की चटनी की उपमा दी थी, लेकिन सचमुच यह एक साझापन था, जिसमें खीर जैसी साहित्य की मिठास थी और लहसुन की चटनी जैसा राजनीति का चटपटापन।
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संवाद 2016
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कुमार ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के साथ संवाद में मंच साझा किया तो कभी राजनेताओं की चर्चा चली और कभी कवियों की। जब बात चाचा-भतीजे के विवाद पर आई तो विश्वास ने शिवपाल को एक शेर याद रखने की सलाह दे डाली। कहा, आपको याद रखना चाहिए-‘नजर का तीर जिगर में रहे तो अच्छा है, ये घर की बात है घर में रहे तो अच्छा है’।
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संवाद
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वास्तव में संवाद में सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव को कांग्रेस के युवा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ भाग लेना था, लेकिन बलिया में आयोजित कार्यक्रम से लौटने में विलंब के कारण वह अंतिम सत्र में कुमार विश्वास के कार्यक्रम के दौरान समारोह में पहुंच सके।
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संवाद
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कुमार विश्वास ने कहा, आज उत्तर प्रदेश के हालात ऐसे होते जा रहे हैं कि किसी राजनेता के खिलाफ कविता लिखने के अपने खतरे हैं। राजनेताओं के खिलाफ लिखकर और लखनऊ महोत्सव में सुनाकर सही-सलामत घर चले जाना आसान नहीं है।
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शिवपाल
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शिवपाल ने कहा कि आलोचना बहुत जरूरी है और नेताओं को आलोचना सुननी चाहिए। नेताजी हमें यही समझाते रहे हैं और हाल के विवाद के बाद भी यही कहा कि हमें आलोचना सुननी चाहिए। शिवपाल ने कहा कि सरकार ने कवियों को सम्मान देने का काम किया है।
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