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बुढ़ापे से बचना चाहते हैं तो तनाव से रहें दूर, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

Mon, 22 Jul 2019 04:27 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 22 Jul 2019 04:27 PM IST
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know about symptoms and treatments of depression
Tension Student

तनाव इंसान को समय पहले बूढ़ा बना देता है। महिलाओं में तनाव की प्रवृत्ति पुरुषों के मुकाबले करीब तीन गुना अधिक होती है। महिलाओं में तनाव के कारण न सिर्फ मानसिक व शारीरिक बीमारियां होती हैं बल्कि खूबसूरती भी छीन लेती है। तनाव के कारण आने वाले हार्मोनल बदलावों से समय से पहले बुढ़ापा आने की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है। अगर हमेशा जवां और खूबसूरत रहना है तो तनाव को अपने पास भटकने भी न दें। केजीएमयू के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आदर्श त्रिपाठी बता रहे हैं तनाव से होने वाली परेशानी और इससे दूर रहने के उपाय...

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डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला

तनाव से हार्मोनल बदलाव के समय बढ़ सकती है समस्या
महिलाओं में समय-समय पर हार्मोनल बदलाव होतेे रहते हैं। फिर चाहे वो पीरियड शुरू होने के समय, गर्भावस्था व उसके बाद या मीनोपॉज के समय और उसके बाद। ऐसे में अगर महिलाएं तनाव में रहती हैं तो उन्हें हार्मोनल डिस्बैलेंस का सामना करना पड़ता है। इससे उनमें माहवारी से संबंधित समस्याएं, पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओडी), डायबिटीज व हृदय की बीमारियां और इम्युनिटी कमजोर होने पर सांस, गैस और कॉमन कोल्ड जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

एंटी ऑक्सीडेंट्स की कमी छीन सकती हैं खूबसूरती
अधिक समय तक तनाव में रहने से शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट्स की कमी हो जाती है, जिससे एजिंग प्रोसेस तेजी से बढ़ने लगता है। इससे त्वचा बूढ़ी होने लगती है। साथ ही बाल भी गिरने लगते हैं। इसके साथ ही स्किन पर डलनेस, मुहासे व सोरायसिस (त्वचा संबंधित बीमारी) होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। अधिक स्ट्रेस मोटापे के लिए भी जिम्मेदार होता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

बढ़ रही जेनेटिक एजिंग
नई शोध में पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान यदि मां ज्यादा तनाव में रहती है तो उसका असर बच्चे की शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है और उसमें भी आगे जाकर डायबिटीज हाइपरटेंशन समेत जल्द बुढ़ापे की प्रवृत्ति बढ़ जाती है, जिसे जेनेटिक एजिंग भी कहते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
इन बातों का रखें खयाल
- तनाव में कैफीन, निकोटीन व एल्कोहल का सेवन न करें।
- नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
- पर्याप्त नींद लें।
- अकेले न रहें। दोस्तों से अपनी समस्या साझा करें।
- समस्याओं से भागने के बजाए उनका समाधान ढूंढे।
- मुस्कुराएं और खुश रहने की कोशिश करें।
- मेडिटेशन सबसे कारगर।
- एंटी ऑक्सीडेंट्स युक्त पदार्थों (फलों आदि) का सेवन करें।
- विटामिन-ए, बी सी युक्त पदार्थों का सेवन करें।
- तनाव को कम करने के लिए डायरी का सहारा लें।
- दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं।
- गहरी सासें लें।
- तनाव कम करने के लिए शराब या दवाओं का सहारा न लें
 
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