15 साल की मोहिनी सुबह 8 बजे स्कूल जाती है, स्कूल से लौट कर आती है तो फुटपाथ पर सब्जी बेचती है, घर मे मां का हाथ भी बटाती है और क्लास में अव्वल दर्जे के नंबर लाती है। इंडियन पब्लिक स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा मोहिनी कन्नौजिया लोगों के लिए प्रेरणा है। मोहिनी गोमतीनगर के तक़वा गांव में रहती है उसके पिता राम अवध कनौजिया पहले सब्जी बेचते थे।
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सब्जी बेचती मोहिनी
- फोटो : अमर उजाला
मोहिनी पिता के साथ सब्जी की दुकान पर हाथ बंटाती थी लेकिन चार महीने पहले पिता को फालिज हो गया जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें काम करने से मना कर दिया। अब सब्जी बेचने का काम मोहिनी और उनकी मां लक्ष्मी देवी करती हैं। मोहिनी के दो भाई हैं। दोनों भाई एक निजी संस्थान में नौकरी करते हैं।
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मोहिनी
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बॉडी लैंग्वेज से पता चला कि मोहिनी सब्जी बेचती है
सुबह 8 बजे से 2 बजे तक मोहिनी स्कूल में रहती है। उसके स्कूल की निदेशक वंशिका यादव बताती हैं कि करीब छह महीने पहले मोहिनी प्रिंसिपल ऑफिस में किसी से बात कर रही थी तो उसकी बॉडी लैंगवेज और हाथों को बार बार घुमाने का तरीका कुछ अजीब लगा।
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मोहिनी
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प्रिंसिपल उषा ने मोहिनी को समझाया कि हाथ घुमा घुमा कर किसी से बात नहीं करते तब मोहिनी ने बताया कि वो सब्जी बेचती है और हाथ घुमा कर बात करना उसकी आदत हो गयी है। वंशिका और उषा इस बात से स्तब्ध थे क्योंकि न तो मोहिनी की फीस कभी लेट हुई, न ही कभी उसके नंबर कम हुए, लेकिन उन्हें गर्व हुआ कि स्कूल में एक ऐसी मेहनती बच्ची भी है।
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मोहिनी कन्नौजिया
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पढ़ने में बहुत अच्छी है और स्कूल के सभी कार्यक्रमों में लेती है हिस्सा
मोहिनी की मां लक्ष्मी से बात करने पर पता चला कि वह पहले पिता के साथ सब्जी बेचने में हाथ बंटाती थी और अब जब पिता बिस्तर पर हैं तो मां के साथ यह काम करती है। लक्ष्मी कहती हैं कि हमारी बिटिया पढ़ने में बहुत अच्छी है। सब्जी बेच कर आती है और पढ़ने बैठ जाती है। सुबह तड़के उठ कर घर के काम मे हाथ भी बंटाती है फिर स्कूल चली जाती है। मोहिनी के क्लास टीचर सुधांशु चतुर्वेदी कहते हैं वह बाकी बच्चों से अलग है, पढ़ने में तो अच्छी है, स्कूल के सभी कार्यक्रमो में भाग भी लेती हैं।