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रणजीत बच्चन हत्याकांड: पत्नी बोलीं- मोदी जी...हिंदुओं को कैसे बचाओगे, कैसे रहेंगी उनकी विधवाएं
Mon, 03 Feb 2020 09:47 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 03 Feb 2020 09:47 AM IST
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ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
सुबह सबकुछ सामान्य था। रणजीत बच्चन मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। कुछ लोग ओसीआर बिल्डिंग के बाहर खड़े थे। पत्नी कालिंदी घर पर ही थीं। वह बच्चन की वापसी का इंतजार कर रही थीं। इसी बीच उन्हें पति को गोली लगने की खबर मिली। वह गश गाकर गिर गईं। कुछ देर बाद जब होश में आईं तो उन्होंने अपने भाई को सूचना दी। भाई के पहुंचते ही वह बदहवास हो गईं। उनके आंसू थम ही नहीं रहे थे।
रणजीत की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
आसपास लोगों को खबर लगी तो भीड़ जुट गई और पुलिस भी पहुंच गई। नाराज लोगों ने विधानसभा मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने हत्या का जल्द खुलासा करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। बर्लिंग्टन चौराहे स्थित ओसीआर बिल्डिंग में रविवार सुबह यह माहौल देख सभी हतप्रभ थे। विश्व हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत बच्चन की मॉर्निंग वॉक करते समय हत्या से कोहराम मचा था।
रणजीत बच्चन की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
वह ओसीआर के बी ब्लॉक के 604 नंबर फ्लैट में पत्नी कालिंदी शर्मा के साथ रहते थे। बिलखती कालिंदी लगातार यही कह रही थीं कि मोदी जी कैसे हिंदुओं को बचाओगे। मोदी जी, योगी जी, हिंदुओं की विधवाएं कैसे रहेंगी। वह सवाल उठा रही थीं कि मेरे बाबू को किसने ने मार दिया, योगी जी हिंदू नेता कैसे बचेंगे। बताया कि रणजीत हमेशा कहा करते थे ‘मोदी शेर है, योगी शेर है’। फ्लैट के बाहर मजमा लगने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला और सुबह करीब 11 बजे पत्नी को लिफ्ट के रास्ते बाहर निकालकर मॉर्च्युरी ले जाया गया।
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रणजीत बच्चन के परिजन।
- फोटो : amar ujala
जल्द लौटने की बात कहकर निकले थे...
बदहवास कालिंदी ने बताया कि वह भी हजरतगंज तक वॉक पर गई थीं। इसके बाद वहां से जाते वक्त रणजीत बच्चन ने जल्द लौटकर आने की बात कही थी। उन्हें फोन भी मिलाया गया, लेकिन कनेक्ट नहीं हुआ। पड़ोसियों ने बताया कि वह मॉर्निंग वॉक से अमूमन एक से डेढ़ घंटे में लौटकर आ जाते थे, लेकिन रविवार को जब देर तक नहीं लौटे तो कुछ संदेह हुआ। कुछ देर बाद उनके पास हत्या की सूचना पहुंची।
बदहवास कालिंदी ने बताया कि वह भी हजरतगंज तक वॉक पर गई थीं। इसके बाद वहां से जाते वक्त रणजीत बच्चन ने जल्द लौटकर आने की बात कही थी। उन्हें फोन भी मिलाया गया, लेकिन कनेक्ट नहीं हुआ। पड़ोसियों ने बताया कि वह मॉर्निंग वॉक से अमूमन एक से डेढ़ घंटे में लौटकर आ जाते थे, लेकिन रविवार को जब देर तक नहीं लौटे तो कुछ संदेह हुआ। कुछ देर बाद उनके पास हत्या की सूचना पहुंची।
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घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
सड़क पर प्रदर्शन, लगाए नारे
रणजीत बच्चन की हत्या से नाराज लोग उनके आवास ओसीआर के बाहर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। वे सड़क पर बैठ गए और रणजीत बच्चन अमर रहें, रणजीत भइया को इंसाफ दो...के के नारे लगाने लगे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और 24 घंटे में मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग सड़क से हटे। लोगों ने कहा कि रणजीत बच्चन हिंदुत्व की विचारधारा को बेहद सौम्य ढंग से रखते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही से उनकी हत्या की गई है। लोगों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
रणजीत बच्चन की हत्या से नाराज लोग उनके आवास ओसीआर के बाहर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। वे सड़क पर बैठ गए और रणजीत बच्चन अमर रहें, रणजीत भइया को इंसाफ दो...के के नारे लगाने लगे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और 24 घंटे में मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग सड़क से हटे। लोगों ने कहा कि रणजीत बच्चन हिंदुत्व की विचारधारा को बेहद सौम्य ढंग से रखते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही से उनकी हत्या की गई है। लोगों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।