{"_id":"5f848dbe8ebc3e9ba32657ec","slug":"hathras-rape-case-victim-news-court-heard-the-state-government-along-with-the-victim-family-see-photos","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"हाथरस कांड: जब जज ने पूछा-रात में क्यों किया बिटिया का अंतिम संस्कार, डीएम ने दिया ये तर्क, दो घंटे तक हुई सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस कांड: जब जज ने पूछा-रात में क्यों किया बिटिया का अंतिम संस्कार, डीएम ने दिया ये तर्क, दो घंटे तक हुई सुनवाई
Mon, 12 Oct 2020 10:39 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 12 Oct 2020 10:39 PM IST
विज्ञापन
Hathras Gang Rape Case
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस में दुष्कर्म पीड़िता का रात में अंतिम संस्कार कराने पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अफसरों से इसका जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने डीएम समेत अन्य अफसरों को इस मुद्दे पर आड़े हाथ लिया। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने अदालत को बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए रात में अंतिम संस्कार कराने का निर्णय किया गया।
कोर्ट में जाते हुए पीड़िता के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए सरकार का कोई दबाव नहीं था। हालांकि कोर्ट ने राज्य सरकार को इस संदर्भ में जवाबी हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने बिटिया के परिजनों का पक्ष भी सुना। मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को होगी। उस दिन कोर्ट ने एडीजी कानून-व्यवस्था और गृह विभाग के किसी विशेष सचिव स्तर के अफसर को पेश होने का निर्देश दिया है।
कोर्ट के बाहर तैनात पुलिसबल
- फोटो : अमर उजाला
न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति राजन राय की खंडपीठ ने सोमवार को सवा दो बजे से हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को बिटिया के साथ कथित दुष्कर्म एवं मारपीट के बाद मौत होने पर पीड़िता का रातोंरात अंतिम संस्कार कराने के मामले में करीब दो घंटे तक सुनवाई की। कोर्ट ने इस प्रकरण का स्वत: संज्ञान लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोर्ट में जाते हुए पीड़िता के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने पीड़िता के परिवार के पांच लोगों के साथ ही यूपी पुलिस के मुखिया सहित तलब शीर्ष अधिकारियों तथा हाथरस के डीएम व एसपी का पक्ष जाना। कोर्ट द्वारा पूछे गए सवालों पर राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता (एएजी) विनोद कुमार शाही ने जवाबी हलफनामा पेश कर पक्ष रखा। वरिष्ठ वकील जेएन माथुर ने कहा कि अदालत ने एक अक्तूबर को इस प्रकरण का संज्ञान लिया था। यह मामला कोर्ट में ‘गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार के अधिकार’ टाइटिल के तहत सूचीबद्ध किया गया।
विज्ञापन
कोर्ट जाते अफसर
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने कहा- ऐसी परिस्थितियों के लिए सरकार को तैयार करना होगा दिशा-निर्देश
सुनवाई के दौरान पहले पीड़ित पक्ष ने अपना पक्ष रखा। इसके बाद डीपीजी हितेश चंद्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने भी कोर्ट को कार्रवाई से अवगत कराया। हाथरस के डीएम तथा एसपी विनीत जायसवाल ने पीड़ित पक्ष को जिला व पुलिस प्रशासन की तरफ से मिल रहे सहयोग के बारे में अवगत कराया।
सुनवाई के दौरान पहले पीड़ित पक्ष ने अपना पक्ष रखा। इसके बाद डीपीजी हितेश चंद्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने भी कोर्ट को कार्रवाई से अवगत कराया। हाथरस के डीएम तथा एसपी विनीत जायसवाल ने पीड़ित पक्ष को जिला व पुलिस प्रशासन की तरफ से मिल रहे सहयोग के बारे में अवगत कराया।