मानक दरकिनार कर काकोरी के अंधे की चौकी के पास चल रही पेपर गिलास व प्लेट फैक्टरी में शनिवार देर रात करीब दो बजे अचानक आग लग गई। लपटें व धुआं निकलता देख इलाके में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को दूर किया और दस दमकल वाहनों ने छह घंटे की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। फैक्टरी मालिक के मुताबिक, किसी ने आग लगाई है। पुलिस इसकी जांच करें। हादसे में पांच करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। पुलिस जांच कर रही है। वहीं, अग्निशमन विभाग के मुताबिक, फैक्टरी में आग से बचाव के इंतजाम नहीं थे। फैक्टरी मालिक ने अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं ले रखा था।
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फैक्टरी में आग
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुरगंज के नानकनगर निवासी राजेश अग्रवाल ने सालभर पहले माल-कसमंडी रोड पर बालाजी पेपर गिलास, प्लेट की फैक्टरी लगाई थी। होली के चलते तीन दिन पहले फैक्टरी बंद कर बिजली की मेन सप्लाई भी कट कर दी थी। सोमवार को फैक्टरी खुलनी थी। शनिवार रात करीब 2.40 बजे पड़ोसियों ने पुलिस व फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी कि फैक्टरी में आग लग गई है। करीब 20 मिनट में पुलिस व दमकल की टीम पहुंच गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह के मुताबिक, सूचना पर नौ फायर स्टेशन को हाई अलर्ट कर दिया गया।
चौक, आलमबाग, सरोजनीनगर, हजरतगंज और बीकेटी फायर स्टेशन से दस गाड़ियां पहुंचीं। करीब 50 अग्निशमन कर्मचारी छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सके। इस दौरान हरेक दमकल वाहन को करीब पांच चक्कर पानी भरकर लाना पड़ा। वहीं दमकल वाहनों को 3 से 5 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। दमकल की गाड़ियों की तलाश एरा मेडिकल कॉलेज से पूरी हुई। उधर पास में एक बड़ा नाला बह रहा था। अग्निशमन कर्मचारियों ने पंप लगाकर आग बुझाने की कोशिश की।
सीएफओ के मुताबिक, फैक्टरी के पिछले हिस्से में रिहायशी इलाका है। वहां पर विशेष सुरक्षा के साथ अग्निशमन कर्मचारी तैनात किए गए। साथ ही कई घरों को खाली करा लिया गया। सीएफओ के मुताबिक, फैक्टरी के आसपास से 33 केवीए का हाईटेंशन तार गुजरा है। जबकि ठीक ऊपर से भी 33केवीए का तार का जाल बिछा हुआ है।
जिम्मेदार विभाग के खिलाफ रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। वहीं एसीपी काकोरी सैय्यद मोहम्मद कासिम आबिदी के मुताबिक, फैक्टरी मालिक ने तहरीर नहीं दी है।