लखनऊ में गोमती नगर के विनयखंड एक में एक पिता अपने ही बेटे-बहू के खिलाफ घर के सामने धरने पर बैठा है। आरोप है कि बेटे-बहू ने उन्हें बेघर कर दिया, घर में घुसने नहीं दे रहे। पिता ने पुलिस को शिकायती पत्र भी दिया, जिस पर पुलिस जांच कर रही है।
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बुजुर्गो संग धरने पर बैठे लखन बाबू (लाल घेरे मेंं)
- फोटो : amarujala
विनयखंड में पान की दुकान करने वाले लखन बाबू कश्यप ने बताया कि उनका बेटा अमित पंजाब नेशनल बैंक मुरादाबाद में तैनात है। बहू सुदिप्ती प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका है। लखन बाबू के मुताबिक, 2002 में उन्होंने विनयखंड एक में मकान नंबर 302 बनवाया था।
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बुजुर्गो संग धरने पर बैठे लखन बाबू (लाल घेरे मेंं)
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निर्माण के कुछ समय बाद बेटे-बहू ने उनकी पान की दुकान बंद करवा दी। कहा, इस कारोबार से बेइज्जती होती है। फिर कुछ दिन बाद घर से निकाल दिया। लखन चौक में किराए का मकान लेकर रहने लगे। कई बार उन्होंने घर लौटने देने की बेटे से गुहार लगाई, लेकिन बेटे-बहू को कोई फर्क नहीं पड़ा।
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बुजुर्गो संग धरने पर बैठे लखन बाबू (लाल घेरे मेंं)
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लखनऊ बाबू का कहना है कि रिश्तेदारों की पंचायत भी हुई, लेकिन बेटे-बहू के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। किसी तरह अपना जीवन यापन करते रहे। काफी दिनों से उनके पास खाने के लिए पैसे भी नहीं बचे। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वह लगातार बेटे से घर में वापस रखने के गुहार लगाते रहे। लखन के मुताबिक, बेटे ने वास्तुखंड में भी कोठी बनवा ली है। उसे किराए पर उठा रखा है लेकिन पिता द्वारा बनवाए मकान को नहीं छोड़ रहा है।
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बुजुर्गो संग धरने पर बैठे लखन बाबू (लाल घेरे मेंं)
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रविवार को वह अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ विनय खंड के मकान केसामने धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में कॉलोनी के भी कुछ बुजुर्ग बैठे थे। इसकी सूचना गोमतीनगर पुलिस को मिली। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक ने बुजुर्ग से शिकायती पत्र लेकर जांच करने की बात कही और चले गए।